पडरौना (कुशीनगर)। जिला मुख्यालय स्थित रविंद्रनगर के उपकेंद्र से जुड़े गांवों में हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ता पिछले एक सप्ताह से परेशान हैं। बिजली समस्या से आजिज उपभोक्ताओं ने अब आंदोलन का मन बना लिया है। उनका कहना है कि विभागीय अफसरों से शिकायत के बाद भी गांवों में लो-वोल्टेज व कटौती की समस्या बनी हुई है। कई गांव तो ऐसे हैं, जहां कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों से अधिक उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिया गया है। यही वजह है कि इन गांवों में लो-वोल्टेज की समस्या काफी गंभीर हो गई है।
रविंद्रनगर फीडर से लगभग 17 हजार उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। इन दिनों उमस भरी गर्मी में हो रही बिजली कटौती से हर कोई परेशान है। कभी लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती की जा रही है, तो कभी आपूर्ति कम मिलने की बात कहकर बिजली कटौती हो रही है। बिजली आने के बाद भी स्थिति यह है कि बल्ब के एलीमेंट ही जल रहे हैं और पंखे धीमी गति से चल रहे हैं। लो-वोल्टेज और कटौती से परेशान उपभोक्ताओं ने आंदोलन करने का मन बना लिया है।
उपभोक्ता परसाद यादव का कहना है कि अघोषित बिजली कटौती से काफी परेशानी हो रही है। शिकायत करने के बाद एक ही जवाब मिलता है कि जितनी आपूर्ति मिलती है, उतना दिया जा रहा है। डॉ. एसके तिवारी का कहना है कि बिजली कटौती के कारण मोबाइल चार्ज करना भी मुश्किल हो गया है। घर में लगा इंवर्टर भी काम नहीं करता। शिकायत के बाद भी सुधार न होने पर अब आंदोलन ही एक मात्र रास्ता बचा है। रामप्यारे का कहना है कि ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक कनेक्शन का लोड है। कई बार ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाए जाने की मांग भी की गई, लेकिन विभाग ने ध्यान ही नहीं दिया। इस संबंध में एसडीओ पडरौना रवींद्र पाल का कहना है कि 33 हजार केवी से कम बिजली आने पर लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो रही है। यह समस्या ऊपर से है। इसके अलावा जिन ट्रांसफार्मर की क्षमता कम थी, उनकी क्षमतावृद्घि करा दी गई है।