पडरौना (कुशीनगर)।अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित रक्तदान शिविर में एक महादानी का लहू शिविर के दौरान ही कालाजार के एक मरीज के लिए संजीवनी बन गया। जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में चार दिनों से भर्ती इस मरीज को खून की नितांत आवश्यकता थी, लेकिन न तो उसके घर में कोई खून देने योग्य था और न ही कोई अन्य व्यक्ति आगे आ रहा था। अमर उजाला के इस कैंप में मिले खून में से एक यूनिट खून कालाजार से पीड़ित उस 11 साल के बालक को चढ़ाया गया।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को सभी जनपदों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कुशीनगर में स्वैच्छिक रक्तदान के लिए कई महादानी आगे आए। 23 महादानियों ने रक्तदान कर दूसरों की जिंदगी बचाने का संकल्प लिया।
इस शिविर में सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह के साथ आए जिला मलेरिया अधिकारी एसएन पांडेय ने बताया कि तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के गुरवलिया गांव का 11 वर्षीय एक बालक कालाजार से पीड़ित है। जिला अस्पताल में 14 नंबर के बेड पर भर्ती इस बालक को खून की नितांत जरूरत है। बालक का इलाज कर रहे संयुक्त जिला चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने अमर उजाला की पहल पर शिविर में महादानियों की तरफ से दान किए गए रक्त में से एक यूनिट खून उस बालक को चढ़ाया।
भुल्लन नाम के इस 11 वर्षीय बालक को उसकी दादी ने संयुक्त जिला चिकित्सालय के जनरल वार्ड में 11 जून को भर्ती कराया था। भुल्लन की दादी ने बताया कि उनका परिवार अत्यंत गरीब है। उनका बेटा खेदन ईंट-भट्ठे पर काम कर परिवार का भरण पोषण करता है। अब ईंट-भट्ठों पर काम बंद हो गया है। इससे परिवार को दो वक्त की रोटी जुटाने में भी कठिनाई हो रही है।