कुशीनगर। भदंत ज्ञानेश्वर बुद्ध विहार कुशीनगर में 10 दिसंबर से चल रहे दस दिवसीय श्रामणेर प्रवज्जा प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को शिविरार्थियों को बौद्ध भिक्षुओं के जीवन तथा भगवान बुद्ध से जुड़े प्रमुख स्थलों के बारे में जानकारी दी गई।
भंते महेंद्र की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में बुद्ध के जन्म स्थल लुंबिनी, ज्ञान प्राप्ति स्थल बोध गया, प्रथम धर्मोपदेश स्थल सारनाथ, महापरिनिर्वाण स्थल कुशीनगर के अलावा सर्वाधिक वर्षावास (बरसात के तीन महीनों में रहकर उपासना एवं अध्ययन कार्य) वाले स्थल श्रावस्ती, राजगिरि, नालंदा, वैशाली, कौशांबी आदि के इतिहास और महत्व के बारे में बताया गया।
शिविर का शुभारंभ कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर ने किया। इसमें 12 महिलाओं सहित 32 लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात के अतिरिक्त नेपाल के भी प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। शुक्रवार 15 दिसंबर को शिविरार्थी गांव में भिक्षाटन करने जाएंगे।
बृहस्पतिवार के प्रशिक्षण के दौरान शांति गुरुमा, भंते गांधी, भंते मुलायम, रमेश बैंकर, छोटा लाल साह, आनंद सिरसाट, सतीश राष्ट्रपाल, सुजाता शाक्य, उत्तमा शाक्य, निराला, दीपिका शाक्य, आरके चौहान, नटू भाई परमार, सियालाल कारुस, सुबोध कुमार आदि मौजूद रहे।