दुदही (कुशीनगर)। सोमवार को दुदही सीएचसी में हुई तोड़फोड़ और अभद्रता के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर पांच घंटे तक ओपीडी में इलाज ठप रखा। विरोध कर रहे स्वास्थ्यकर्मी तोड़फोड़ और अभद्रता करने वालों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सीएमओ के आश्वासन पर स्वास्थ्यकर्मी माने। कविशुनपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बांसगांव के घूरपट्टी टोला में प्रतिमा विसर्जन करने जाते समय 11 हजार वोल्ट का तार ट्रैक्टर-ट्रॉली से छू जाने के कारण दस लोग उसकी करंट की जद में आ गए थे। उनमें पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। सभी को दुदही सीएचसी लाया गया था, जहां से देर शाम गंभीर हालत में उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इस दौरान कुछ लोगों ने सीएचसी में डॉक्टर न होने पर शीशे, फर्नीचर, होर्डिंग आदि तोड़ दिया था। वहां तैनात स्वास्थ्यकर्मियों से अभद्रता भी की थी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में भी ले लिया था। इस घटना से सहमे स्वास्थ्यकर्मियों ने मंगलवार को इमरजेंसी सेवा छोड़कर सीएचसी की अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दिया। उसके बाद अस्पताल गेट पर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। करीब पांच घंटे बाद सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार पहुंचे और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया। उसके बाद इलाज शुरू हुआ। इस बीच इलाज के लिए आए मरीज और उनके परिवारीजन काफी परेशान रहे। प्रदर्शन में सीएचसी प्रभारी डॉ. एके पांडेय, डॉ. सुभाष यादव, डॉ. रेखा गुप्ता, डॉ. रीता वर्मा, चीफ फार्मासिस्ट एमके राय, फार्मासिस्ट जन्मेजय सिंह, जयप्रकाश गुप्ता, मनोज सिंह, एलटी विजय तिवारी, योगेंद्र तिवारी, अमित पांडेय, इशराफिल अली, सर्वेश सिंह, राजू यादव, अजय कुशवाहा, रामसकल, रमेश कुमार, ममता चौहान, विद्यावती तिवारी आदि शामिल थे।