कुशीनगर। तीन दिन तक शांत रहने के बाद बुधवार की रात से एक बार फिर गंडक नदी का कटान तेज हो गया है। बुधवार की रात बाघाचौर गांव के नोनिया पट्टी टोले में कटान के चलते चार झोपड़ियां नदी में विलीन हो गईं। हालांकि इन झोपड़ियों में रहने वाले लोग पहले ही सामान समेटकर यहां से जा चुके हैं। इसके अलावा नदी ने जंगली पट्टी गांव के सामने बने नए स्पर का भी करीब तीन मीटर हिस्सा काट दिया। दुबारा कटान तेज होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
गंडक नदी करीब एक महीने से अहिरौलीदान के सामने कटान कर रही है। हालांकि पिछले तीन दिन से कटान करीब - करीब रुक गया था। परंतु बुधवार को रात में अचानक कटान शुरू हो गया। आधी रात के वक्त बाघाचौर गांव के नोनिया पट्टी टोला में पवहारी राम, ब्रह्मा प्रसाद, परशुराम और रबड़राम की झोपड़ियां कटकर नदी में विलीन हो गईं। इन झोपड़ियों समेत अगल बगल के अन्य लोग पहले ही अपना घर खाली कर चुके हैं, लेकिन कटान शांत होता देख लोग घर वापस की सोचने लगे थे। फिर कटान शुरू होने से लोगों को अब गांव बचने की उम्मीद नहीं रही।
बृहस्पतिवार को भी नदी का तेवर तीखा बना रहा। नदी ने जंगली पट्टी गांव के सामने बने नए स्पर का करीब तीन मीटर हिस्सा काट दिया। इसके अलावा बगल का सात मीटर हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। जंगली पट्टी निवासी प्रदीप सिंह का कहना है कि क्षतिग्रस्त स्पर पर तत्काल बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ तो नदी का दबाव सीधा एपी तटबंध पर आएगा, जिससे अगल-बगल के गांवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी। इस गांव निवासी पारसनाथ सिंह, मनोज गुप्ता, प्रभुनाथ यादव, सुधीर यादव, राजेश सिंह, हेमंत सिंह आदि ने नए बने स्पर के क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। इस संबंध में बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता बीपी सिंह का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अवर अभियंता की मौजूदगी में बचाव कार्य चल रहा है।