कुशीनगर। गंडक नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव शुरू होते ही एपी तटबंध पर खतरा मंडराने लगा है। जगंलीपट्टी गांव के सामने बृहस्पतिवार की रात में करीब 50 मीटर लंबा एप्रन धंस जाने से स्पर पर दबाव बढ़ गया है। नदी की धारा यहां दबाव बना रही है। इससे मुख्य बंधे की सुरक्षा भी खतरे में है।
गंडक नदी के किनारे बने बांध से नदी की धारा को दूर रखने के लिए जगह-जगह स्पर (ठोकर) बनाए गए हैं। स्पर के दोनों तरफ लोहे की जाली में भरकर बोल्डर गिराए जाते हैं, जिन्हें बाढ़ खंड की तकनीकी भाषा में एप्रन कहा जाता है। एप्रन की वजह से स्पर व बांध के आसपास नदी का कटान रुकता है। बृहस्पतिवार की रात जंगली पट्टी गांव के सामने एपी तटबंध के किमी 1.480 पर बने स्पर का 50 मीटर लंबा और 16 मीटर चौड़ा एप्रन धंस गया। इसकी जानकारी होने से जंगलीपट्टी व आसपास के गांव के लोग भयभीत हो गए हैं। शुक्रवार की सुबह बाढ़ खंड डिवीजन ने इस धंसे एप्रन के बगल में बोल्डर गिराकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया। गांव के लोगों का कहना है कि नदी में पानी का दबाव बढ़ने पर स्पर व बंधे की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।
तमकुहीराज के एसडीएम विपिन कुमार सिंह और तहसीलदार रामप्यारे ने एपी तटबंध का जायजा लिया। क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू ने भी मौके पर जाकर बाढ़ खंड के सहायक अभियंता रमेश यादव से हो रहे कार्य की जानकारी ली। एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। स्पर को बचाने के लिए वहां तेजी से कार्य कराया जा रहा है।