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Kushinagar News: तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटी, चालक और मजदूर की मौत

Sat, 08 Jul 2023 01:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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ट्रैक्टर ट्राली अनियंत्रित होकर खेत में पलटने से चालक और मजदूर की मौत के सूचना पर जुटी लोगों की
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मिश्रपट्टी गांव के बाहर अंधे मोड़ पर हुई दुर्घटना, देर से पहुंची पुलिस
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जेसीबी मशीन की मदद से एक घंटे बाद निकाले गए दोनों शव
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, ईंट गिराकर आते समय हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुबेरस्थान। ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने से शुक्रवार को दोपहर में चालक और मजदूर की मौत हो गई। एक घंटे बाद जेसीबी की मदद से दबे हुए दोनों शवों को बाहर निकाला गया। दुर्घटना की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की जानकारी मिलते ही घरवालों में चीख-पुकार मच गई।
बताया जा रहा है कि कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के अमवा बुजुर्ग गांव निवासी समीर (22) और सुनील खरवार उर्फ टाइगर (25) अजीमुल्लाह अंसारी के ईंट भट्ठे पर कार्य करते थे। शुक्रवार को ईंट भट्ठे से ईंट लेकर गिराने गए थे। दोपहर करीब तीन बजे लौटते समय मिश्र पट्टी गांव के बाहर मोड़ पर ट्रैक्टर-ट्राॅली अचानक अनियंत्रित होकर खेत में पलट गई।
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इसमें चालक समीर और मजदूर सुनील खरवार दब गए। आवाज सुनकर गांव वाले पहुंचे, लेकिन प्रयास के बाद भी दबे मजदूर और चालक को बाहर नहीं निकाल सके। करीब एक घंटा बाद पुलिस ने जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर को हटाया। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों युवकों के घर की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण गांव में संचालित हो रहे ईंट भट्ठे पर कार्य करते थे।
गांव के बाहर अंधे मोड़ पर ट्रैक्टर की गति तेज होने के कारण हादसा होने का दावा प्रत्यक्षदर्शियों ने किया। दोनों युवकों की मौत की खबर सुनकर घरवाले पहुंच गए और चीख-पुकार मच गई। गांववालों का आरोप है कि पुलिस को दुर्घटना के बाद तत्काल जानकारी दी गई, लेकिन पुलिस काफी देर से पहुंची। अगर समय से पहुंच गई होती तो शायद युवकों की जान बच गई होती।
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कुबेरस्थान के थानाध्यक्ष पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्रैक्टर की गति तेज थी। अचानक मोड़ पर ब्रेक लगाने के चलते ट्रैक्टर-ट्राॅली पलट गई।
युवकों के कंधे पर था घर की जिम्मेदारी का बोझ
सुनील दो भाइयों और एक बहन में बड़ा था। वहीं समीर तीन भाइयों में बड़ा था। दोनों के पिता मजदूरी करते हैं। दोनों युवक आर्थिक कमजोरी की वजह से सुबह से शाम तक मेहनत करते थे। ताकि परिवार को दो जून की रोटी नसीब हो सके। युवकों की मौत के बाद घरवालोंं में चीख-पुकार मच गई है। दोनों युवकों का रिश्ता तय करने की बात चल रही थी।
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