संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में स्वतंत्र फीडर स्थापित किया गया। मंशा थी कि अस्पताल को 24 घंटे बिजली मिलेगी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के चलते यह फीडर बेकार पड़ा है। इससे इसका लाभ अस्पताल कर्मियों व मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। बिजली कटने पर जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।
शासन ने अस्पतालों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए स्वतंत्र फीडर स्थापित करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में स्वतंत्र फीडर स्थापित किया गया है। प्रत्येक पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्तमान में जिला अस्पताल का स्वतंत्र फीडर काम कर रहा है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद का स्वतंत्र फीडर बार-बार तकनीकी गड़बड़ी के चलते खराब हो जा रहा है।
वर्तमान में यह फीडर बेकार पड़ा है। ऐसे में बिजली गुल होने पर स्वास्थ्य कर्मियों, मरीजों व तीमारदारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस समस्या से अस्पताल प्रशासन ने विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत कराया था तो यहां ट्रांसफाॅर्मर बदलकर दूसरा लगाया गया। कुछ दिनों तक इससे निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति की गई, लेकिन फिर तकनीकी दिक्कत आ गई। करीब चार माह से यह फीडर बेकार पड़ा है।
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बिजली कटने पर जनरेटर चलाने की मजबूरी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में स्थापित स्वतंत्र फीडर में गड़बड़ी के चलते आपूर्ति बंद है। सीधे शहर की लाइन से बिजली दी जा रही है। बिजली गुल होने पर समस्या बढ़ जा रही है। वैसे भी एक्स-रे सहित तमाम ऐसी जांचे हैं, जिसके लिए बिजली की उपलब्धता आवश्यक है। ऐसे में मजबूरी में जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है। स्वास्थ्यकर्मी सुधाकर व पवन कुमार ने बताया कि स्वतंत्र फीडर में गड़बड़ी से समस्या बढ़ी है। गर्मी के मौसम में समस्या और बढ़ सकती है। ऐसे में इस फीडर को ठीक कराया जाना आवश्यक है।
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स्वतंत्र फीडर में गड़बड़ी आने से इससे बिजली आपूर्ति बंद हो गई है। ऐसे में शहर की लाइन से जोड़कर काम चलाया जा रहा है। साथ ही इससे विद्युत निगम को अवगत कराया गया है। बिजली गुल होने पर जनरेटर से बिजली आपूर्ति की जा रही है।
-डॉ. उमर हसमत अंसारी, अधीक्षक सीएचसी, खलीलाबाद
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सीएचसी खलीलाबाद में स्थापित स्वतंत्र फीडर में तकनीकी गड़बड़ी आ रही है। इसे कई बार ठीक कराया गया। गड़बड़ी दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
-केएन शुक्ल, एसडीओ, खलीलाबाद