कुशीनगर। हर बार की तरह डोल मेला जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी बिजली दगा दे गई। रात में करीब एक बजे जो बिजली कटी, वह बृहस्पतिवार को दोपहर बाद तक नहीं आई। इससे डोल मेला में आए लोगों के अलावा अन्य को भी अंधेरे में ही रहना पड़ा।
त्योहारों में पडरौना और रवींद्रनगर हाइडिल से जुड़े शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती सामान्य बात हो गई है। इस बार के डोल मेला में भी ऐसी ही स्थिति रही। पडरौना नगर के छावनी, मुगलपुरा, सुभाष चौक, ओंकार वाटिका कॉलोनी सहित कई मुहल्लों में बुधवार की शाम से ही एक फेज की लाइट थी तो वहीं मध्य रात में रही-सही बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। वजह यह रही कि रात के एक बजे के बाद तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। इसका सबसे अधिक असर डोल मेला पर पड़ा। मेले में आसपास के गांवों से आई महिलाओं और युवतियों को अंधेरे में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा, जबकि मेला में निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति होनी चाहिए थी।
इस संबंध में पडरौना विद्युत वितरण खंड के एक्सईएन संजय यादव का कहना था कि रात में तेज हवा के साथ हुई बारिश के दौरान साखोपार और जनपद मुख्यालय के निकट 33 हजार केवी की मेन लाइन पर ही पेड़ गिर गए थे। इस वजह से बिजली पूर्ति बाधित रही। मरम्मत का काम पूरा होते ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।