कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में रविवार की रात सर्प दंश के चलते आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई। सोमवार की सुबह परिवारीजनों ने कोटवां सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल गेट पर बच्चे का शव रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब पांच घंटे बाद एसडीएम खड्डा व एडिशनल सीएमओ के आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
परसौनी गांव निवासी अक्षयवर का आठ वर्षीय पुत्र विक्की रविवार की शाम खेल रहा था। इसी दौरान उसे किसी जहरीले सर्प ने डस लिया। लोग बच्चे को लेकर कोटवां स्थित नेबुआ नौरंगिया सीएचसी ले गए। परिवारीजनों का आरोप है कि उस वक्त कोई डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं था। अस्पताल में कार्य करने वाले बाहरी लोगों ने बालक को इंजेक्शन लगा दिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद फार्मासिस्ट ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में यहां के एक डॉक्टर ने एंबुलेंस रोककर बहुत देर तक परेशान किया। परिजनों के काफी आग्रह पर डॉक्टर ने एंबुलेंस जाने दिया। परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। सोमवार सुबह परिजन शव लेकर कोटवां सीएचसी पहुंचे और डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करने, अनुपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों व अस्पताल में इलाज में सहयोग कर रहे बाहरी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मुआवजे की मांग को लेकर शव रखकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। उधर, प्रदर्शन की जानकारी होने पर एडिशनल सीएमओ सुदर्शन सोनकर, एसडीएम खड्डा जयचंद पांडेय, एसओ राकेश कुमार सिंह आदि मौके पर पहुंचे। एडिशनल सीएमओ एवं एसडीएम ने दोपियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर करीब पांच घंटे बाद आंदोलन खत्म कराया।