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गंडक नदी के निशोन पर है दहारी टोला

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कुशीनगर। बरसात शुरू होते ही गंडक नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव शुरू हो गया है। नदी का पानी पिपराघाट के दहारी टोला के सामने मुख्य बंधे के नजदीक पहुंच गया है। हालांकि बाढ़ खंड डिवीजन ने यहां बचाव कार्य शुरू कराया है, लेकिन नदी के रुख को देखकर गांव के लोग सशंकित हैं।
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सेवरही ब्लॉक का पिपराघाट गांव गंडक व बांसी नदी के बीच में बसा है। इस गांव का फलटोला, गोवर्धन टोला और नान्हू टोला नदी की कटान के चलते अस्तित्वविहीन हो चुके हैं। अब नदी का रुख दहारी टोला की तरफ है। पिछले साल से ही नदी यहां मुख्य बंधे पर दबाव बनाए हुए है। इस बार बरसात में जल स्तर बढ़ते ही धारा सीधे यहां बंधे तक पहुंच गई। नदी और गांव के बीच लोक निर्माण विभाग की तरफ से बनवाया गया बांध है, लेकिन नदी के तेवर से गांव वाले आशंकित हैं। दहारी टोला के पुजारी सिंह, दूधनाथ शर्मा, पूजा साह, कैलाश सिंह, जनार्दन चौहान आदि का कहना है कि नदी का पानी यदि नए बांध तक पहुंचता है तो फिर दहारी टोला के अलावा भंगी टोला और तवक्कल टोला आदि का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। बाढ़ खंड डिवीजन के अभियंता भी नदी के रुख से सहमे हैं। बांध को बचाने के लिए बोल्डर गिराने के अलावा तीन स्परों के निर्माण कार्य में भी तेजी आई है। परंतु खतरा अभी टला नहीं है।
बाढ़ खंड डिवीजन के एसडीओ रमेश यादव का कहना है कि बांध को सुरक्षित करने के लिए तेजी से कार्य कराया जा रहा है। बाढ़ खंड डिवीजन हर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है।
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