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कुशीनगर के निरीक्षण में बिफरे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट

Thu, 06 Dec 2018 10:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
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कुशीनगर में बिरला धर्मशाला के प्रबंधक से बातचीत करते ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय। - फोटो : अमर उजाला
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कसया। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थली कुशीनगर की साफ-सफाई, फुटपाथ के अलावा पर्यटन विभाग की ओर से कराए जा रहे स्वदेश दर्शन योजना के कार्यों का गुरुवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय ने निरीक्षण किया। इस दौरान विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार और नगर पालिका प्रशासन के लचर रवैये को लेकर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि लक्ष्य के सापेक्ष कार्य नहीं किया गया, तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दोपहर बाद लगभग एक बजे कुशीनगर पहुंचे। जहां उन्होंने कुशीनगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने को लेकर फुटपाथ व्यवसायियों के अतिक्रमण को सख्ती से खाली कराया था। उसके बाद नगर पालिका को बाइक, कार और बस की पार्किंग के लिए जगह चिह्नित कर पट्टी बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद पालिका की ओर से पट्टी का काम अब तक नहीं पूरा किया गया है। तो वहीं पर्यटन विकास के लिए चल रहे कार्य में जगह-जगह फुटपाथ पर डस्टबिन लगाने के लिए प्लटेफार्म तैयार कराया गया है। इसके चलते इंटरलॉकिंग के उखड़े ईंट इधर-उधर बिखरे पड़े थे और प्लेटफार्म और इंटरलॉकिंग के बीच के खाली स्थान को वैसे ही छोड़ दिया गया है। इससे हादसा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। इसी कड़ी में मजिस्ट्रेट बिरला धर्मशाला पहुंचकर पर्यटन से हुए कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने धर्मशाला के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार तिवारी से कहा कि धर्मशाला की बाउंड्रीवाल को ठीक करा लें। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि तीन सप्ताह पूर्व मंदिर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त किया गया था। इसके सापेक्ष नगर पालिका को पार्किंग के लिए फुटपाथ पर पट्टी बनाने के निर्देश दिए गए थे। पालिका की ओर से इसमें शिथिलता बरती जा रही है, जो बर्दाश्त नहीं है। अगर शीघ्र कार्य पूरा नहीं हुआ है, तो ईओ से जवाब तलब किया जाएगा व कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।

झुंगवा में अतिक्रमणकारियों को दी तीन दिन की मोहलत
कसया। नगर के बुद्धनगरी वार्ड (झुंगवा) में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय ने पहुंचकर यहां वार्ड के मध्य स्थित पोखरे पर हुए अतिक्रमण का निरीक्षण किया। अतिक्रमण खाली कराने का आदेश हाईकोर्ट इलाहाबाद से हुआ है। वार्ड के मध्य क्षेत्रफल करीब 39 डिस्मिल है। वार्ड के कुछ लोगों की ओर से पोखरे के आधे से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा कर स्थाई और अस्थाई निर्माण करा लिया गया है। मामले को लेकर वार्ड के ही एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में पोखरे की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने का वाद दाखिल किया था। मामले में सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने पोखरे को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मौके का निरीक्षण किया और उन्होंने अतिक्रमणकारियों को तीन दिन की मोहलत देते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाया जाना है। पक्के मकान के अंदर के सामनों को तीन दिन के भीतर हटा लें।
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