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अहिरौलीदान से विशुनपुरा तक बना है गाइड बांध

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कुशीनगर। अहिरौलीदान गांव के सामने तेजी से कटान कर रही गंडक नदी अब बिहार सीमा में गाइड बांध की तरफ बढ़ रही है। इससे यूपी के साथ ही बिहार के 50 से अधिक गांवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। कटान रोकने के लिए बिहार के प्रशासनिक अफसरों की तरफ से कोशिश शुरू कर दी गई है।
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यूपी सीमा से सटे बिहार प्रांत के 50 से अधिक गांवों को गंडक नदी की बाढ़ से बचाने के लिए बिहार सरकार ने अहिरौलीदान से विशुनपुरा तक गाइड बांध बनवाया है। नौ गांवों के 298 किसानों की जमीन खरीदकर बनवाए गए इस बांध की वजह से बिहार प्रांत के लोग बाढ़ के प्रभाव से सुरक्षित हो गए थे। परंतु अब यह बांध गंडक नदी के निशाने पर आ गया है। अहिरौलीदान के सामने कटान कर रही नदी का रुख इस बांध की तरफ भी हो गया है। नदी ने गाइड बांध से सटे भैंसही गांव का अस्तित्व मिटा दिया है। वहां के 40-50 परिवार अपने पक्के मकान तोड़कर सामान समेत पलायन कर चुके हैं। तेज कटान देखकर बिहार के सिंचाई विभाग के अभियंता भी परेशान हैं। कटान देखकर विशम्भरपुर, तिवारीटोला, काला भटिहनिया, दलित बस्ती, रमजिता, भगवानपुर, बरईपट्टी आदि गांव के लोग महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों व कीमती सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने लगे हैं। गाइड बांध कटने से कुशीनगर जिले के कई गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
इस संबंध में बिहार के गोपालगंज जिले के बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता नवल किशोर सिंह का कहना है कि गाइड बांध को बचाने के लिए सभी संवेदनशील स्थानों पर बोल्डर गिराने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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