कुशीनगर। जिला योजना समिति की बैठक रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह की मौजूदगी में हुई इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए 420.97 करोड़ रुपये से कार्य कराने के प्रस्तावों पर मुहर लगी।
प्रभारी मंत्री ने बताया कि जिला योजना के अंतर्गत बीते वित्तीय वर्ष 2016-17 में कुल 420.57 करोड़ रुपये का परिव्यय शासन की ओर से अनुमोदित था, जिसके सापेक्ष विभागों को 353.7985 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। शासन की ओर से आवंटित इस धनराशि के सापेक्ष सरकारी विभागों ने 352.0961 करोड़ रुपये खर्च किया। यह धनराशि शासन की ओर से मिली रकम का 99.52 फीसदी है और अनुमोदिन परिव्यय के सापेक्ष 84.12 प्रतिशत है।
सदन में मौजूद सदस्यों को बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए जिला योजना में शासन की तरफ से 420.97 करोड़ रुपये परिव्यय निर्धारित किया गया है, जिसमें केंद्र पोषित योजनाओं का केंद्रांश भी सम्मिलित है। इस धनराशि से जिले के 39 विभागों की परियोजनाओं का काम कराया जाना है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि जिला योजना के स्वीकृत परिव्यय में से 190 करोड़ एक लाख तीन हजार रुपये पूंजीगत मद में रखे गए हैं, जो कुल परिव्यय का 45.14 प्रतिशत है। इसमें केंद्र पोषित योजनाओं का केंद्रांश भी शामिल है। इसी तरह स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत 78 करोड़ 43 लाख नौ हजार रुपये का परिव्यय प्रस्तावित है, जबकि सड़क एवं पुल के मद में 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग की ओर से संचालित एनआरएलएम, मनरेगा, ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ग्रामीण पेयजल के लिए सर्वाधिक 129 करोड़ 43 लाख 14 हजार रुपये का परिव्यय प्रस्तावित है। यह कुल परिव्यय का 30.75 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि सोशल सेक्टर की योजनाएं मसलन छात्रवृत्ति, पेंशन, अत्याचार से उत्पीड़न पर आर्थिक सहायता, शादी, बीमारी, अनुदान एवं राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 73 करोड़ 58 लाख 66 हजार रुपये का परिव्यय प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त समाजवादी पेंशन के लिए 71 करोड़ 58 लाख 54 हजार रुपये का परिव्यय प्रस्तावित है। इस धनराशि से 119309 लोगों को लाभान्वित किया जाना है। इनमें 4383 अनुसूचित जाति के लाभार्थी हैैं। केंद्र्र पोषित योजनाओं जैसे कृषि, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, प्रादेशिक विकास दल, परिवार कल्याण, ग्रामीण पेयजल, ग्रामीण स्वच्छता, ग्रामीण आवास, नगर विकास एवं समाज कल्याण के कार्यक्रमों के लिए केंद्रांश 160 करोड़ 51 लाख 65 हजार रुपये तथा 260 करोड़ 45 लाख 35 हजार रुपये राज्यांश के रूप में जिला योजना के अंतर्गत प्रस्तावित है।
बैठक में जिले के प्रभारी मंत्री के अलावा सांसद राजेश पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा, डीएम आंद्रा वामसी, एसपी यमुना प्रसाद, सीडीओ कृष्ण कुमार गुप्ता, एडीएम कृष्णलाल तिवारी, एएसपी हरगोविंद मिश्र सहित विधायक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।