शव रखकर सड़क जाम करते गांव के लोग।
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पडरौना। कोतवाली क्षेत्र के चंदरपुर गांव में एक सप्ताह पूर्व मामूली विवाद में पिटाई से घायल छात्र की उपचार के दौरान हुई मौत से गुस्साए लोगों ने सोमवार को रामकोला-पडरौना मार्ग जाम कर दिया। लोग पीड़ित परिजनों को मुआवजा देने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग पर अड़ गए। करीब साढ़े तीन घंटे तक जाम लगने से यातायात बाधित रहा। उधर सूचना पर पहुंचे सीओ ने आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
चंदरपुर निवासी 17 वर्षीय सुमित चौधरी पुत्र भरत चौधरी इंटरमीडिएट में पढ़ता था। 17 फरवरी को सुमित के बाबा सोहिल के साथ गांव के ही कुछ युवकों ने हंसी मजाक कर दिया। यह बात सुमित को नागवार गुजरी और उसने विरोध किया। जिसे लेकर युवकों और सुमित के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला मारपीट में तब्दील हो गया। उस दौरान दूसरे पक्ष के एक युवक ने सुमित के सिर पर पीछे से प्रहार कर दिया। जिससे सुमित गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां से भी उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। शनिवार रात उपचार के दौरान लखनऊ में सुमित की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन रविवार रात गांव पहुंचे। घटना से नाराज ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई किए जाने व पीड़ित परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर रामकोला-पडरौना मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया।
सूचना पर मौके पर पहुंचे सीओ सदर नीतेश प्रताप सिंह, कोतवाल मिथिलेश राय ने परिजनों व गांव के लोगों से वार्ता कर जाम खत्म कराने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोग मांगों पर अड़े रहे। करीब साढ़े तीन घंटे के बाद सीओ सदर ने आश्वासन दिया कि इस मामले में शीघ्र दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और परिजनों को आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद लोगों ने जाम खत्म कर दिया और शव को अंतिम संस्कार के लिए बांसी ले गए। कोतवाल मिथिलेश राय ने बताया कि पूर्व में ही सात लोगों पर मारपीट का मुकदमा दर्ज था, जिसे तरमीम करते हुए गैर इरादतन हत्या की धारा बढ़ा दी गई। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।