कुशीनगर। राशन कार्डों के सत्यापन में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि 512 राशनकार्ड ऐसे लोगों के नाम पर जारी हुए हैं, जिनके मुखिया का काफी पहले निधन हो चुका है। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को भी अंत्योदय और पात्र गृहस्थी का राशनकार्ड जारी किया गया है, जिसके लिए वे पात्र ही नहीं थे। यही नहीं विभाग ने अपनी वाहवाही में करीब तीन हजार राशनकार्ड धारकों का नाम काटकर उनकी जगह मुसहरों का दर्ज कर दिया है।
जनपद में 7.50 लाख से अधिक राशन कार्डधारक हैं। इनमें जनपद की तीन नगर पालिका और चार नगर पंचायतों को मिलाकर शहरी क्षेत्र में 28712 राशन कार्डधारक हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में 744520 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें अंत्योदय के प्रत्येक राशनकार्ड पर 35 किलोग्राम (20 किलोग्राम गेहूं और 15 किलोग्राम चावल) खाद्यान्न दिया जाता है। इसी तरह पात्र गृहस्थी के राशनकार्ड पर प्रति यूनिट पांच किलोग्राम राशन (तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल) दिया जाता है।
शासन के आदेश पर जनपद में करीब एक वर्ष से राशनकार्डों का सत्यापन चल रहा था, लेकिन इसकी गति काफी धीमी है। नए डीएम के आने के बाद इसमें तेजी आई। अब तक 6.50 लाख राशनकार्डों का सत्यापन कराया गया है, जिसमें 39 हजार राशनकार्ड फर्जी मिले हैं। अभी भी एक लाख से अधिक राशनकार्डों का सत्यापन होना बाकी है, लेकिन सत्यापन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की जो हकीकत सामने आई है, उसने जिला प्रशासन के अधिकारी सकते में हैं। बताया जा रहा है कि न केवल 512 मृतकों के नाम से राशनकार्ड जारी कर खाद्यान्न वितरित किया जा रहा हैै, बल्कि मुख्यमंत्री सहित अन्य वीआईपी या बड़े अफसरों के आने पर विभाग ने करीब तीन हजार कार्डधारकों का राशनकार्ड मुसहर बस्ती के लोगों के नाम स्थानांतरित कर दिया है। ताकि मुसहरों को लेकर विभाग पर कोई उंगली न उठा सके। हालांकि इतनी बड़ी गड़बड़ी के लिए विभाग के अधिकारी अपने किसी कर्मचारी को जिम्मेदार नहीं मान रहे।
डीएसओ विमल कुमार शुक्ला का कहना है कि सत्यापन के बाद जितने अपात्र कार्ड मिले हैं, उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। जिनकेा राशनकार्ड सही मिले हैं, उनके राशनकार्ड यथावत रहेंगे। इसके अलावा जितने गलत राशनकार्ड जारी हुए हैं, उनकी जगह पात्र और जरूरतमंद लोगों को जारी किया जाएगा। अपात्र मिले राशनकार्डों पर राशन नहीं दिया गया है, क्योंकि कुल आवंटन का 10 प्रतिशत राशन कम आता है। मुसहर नितांत गरीब हैं और वे शासन की प्राथमिकता में हैं। इसलिए मुसहरों को राशनकार्ड ट्रांसफर किए गए हैं। जिनका राशनकार्ड कटा है, उन्हें पात्र गृहस्थी का राशनकार्ड जारी किया जाएगा।