हाईटेंशन तार टूटा, आधे घंटे बाद डीएम के निर्देश पर कटी बिजली
निगम के अफसरों के फोन ही नहीं मिले, आपूर्ति बंद किए जाने तक सहमे रहे मोहल्ले के लोग
कठकुईया रोड की गली और गंडक नहर की पुलिया के पास खड़े होकर राहगीरों को लोगों ने रोका
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। नगर के वीर अब्दुल हमीद नगर मोहल्ले में 33 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार रविवार रात तेज आवाज के साथ टूटकर गिर गया। इससे मोहल्ले के लोग सहम गए। लोगों ने निगम के अफसरों को फोन से सूचना देने की कोशिश की पर फोन नहीं मिले। इसी बीच किसी ने इसकी सूचना डीएम को दे दी। डीएम के निर्देश पर करीब आधे घंटे बाद बिजली आपूर्ति बंद की गई तब जाकर सहमे लोगों ने राहत की सांस ली। इस बीच मोहल्लेेवासी सड़क के दोनों ओर खड़े होकर राहगीरों को आने-जाने से रोकते रहे। मोहल्ले के लोगों ने विद्युत निगम के अफसरों को चेताया है कि अगर तार-पोल ठीक नहीं कराया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
मोहल्ले के गणेश मणि त्रिपाठी, विद्या मिश्र, बागेश्वरी मिश्र, राजगोविंद गुप्त और अजीत श्रीवास्तव ने बताया कि राजापाकड़ से कोटवा उपकेंद्र तक 33 हजार वोल्ट की लाइन इसी मोहल्ले से होकर गई है। गणेश मणिऔर बागेश्वरी मिश्र के घर के बीच से जा रही लाइन का एक पोल आंधी-बारिश के दौरान टेढ़ा हो गया है। इस कारण तार भी ढीले हो गए हैं। ऐसे में छतों से हाईटेंशन लाइन की दूरी बमुश्किल तीन फीट रह गई है। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक तार आपस में सट जाने के कारण तेज आवाज के साथ चिंगारी निकलने लगी और तार टूटकर सड़क पर गिर गया। बिजली आपूर्ति चालू थी, ऐसे में लोगों आपूर्ति बंद कराने के लिए निगम के अभियंताओं को फोन किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। डीएम के निर्देश पर एक घंटा बाद ठेकेदार और लाइनमैन पहुंचे और तार जोड़ने में जुट गए। पांच घंटे बाद मोहल्ले में बिजली आपूर्ति बहाल हुई। गणेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि जब तक झुके हुए पोल के सपोर्ट में दूसरा पोल खड़ा कर तार तो टाइट नहीं किया जाएगा, तब तक यह समस्या बनी रहेगी। बार- बार शिकायत के बाद भी निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। आरोप है कि फिर निगम द्वारा दूसरा पोल नहीं लगा जा रहा और टूटे तार को जोड़ कर सप्लाई चालू कराने की कोशिश शुरू कर दी गई। इससे खतरा फिर उत्पन्न होने की गुंजाइश है। डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि समस्या संज्ञान में आने के बाद तत्काल बिजली सप्लाई बंद कराई गई। एक्सईएन को निर्देश दिया गया है कि उस मोहल्ले की स्थाई समस्या का समाधान कराएं, ताकि फिर कोई खतरा उत्पन्न न हो।