जुलाई से उड़ान शुरू होना संभव नहीं : एके द्विवेदी
सुरक्षा के लिहाज से उड़ान के लिए एयरपोर्ट पूर्ण नहीं
बाउंड्रीवाल का जगह-जगह टूटना व रनवे से आवागमन प्रमुख समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
कसया(कुशीनगर)। निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान पूर्व सेफ्टी जांच के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने शुक्रवार को जहाजों की सुरक्षित लैंडिंग व टेकऑफ से जुड़े तकनीकी बिंदुओं का जायजा लिया। टीम उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट देगी। वैसे टीम ने सुरक्षा के लिहाज से उड़ान के लिए एयर पोर्ट को अभी पूर्ण नहीं माना है।
गोरखपुर सिविल एयरपोर्ट के निदेशक एके द्विवेदी की अगुवाई में निर्माणाधीन हवाई अड्डा पहुंची चार सदस्यीय टीम ने कई जगहों पर क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल, रनवे से होकर नकहनी व शाहपुर गांव के रास्ते का बंद न होना व आवागमन जारी रहना विमानों की सुरक्षित लैंडिंग व टेकऑफ़ के लिए खतरनाक माना है। टीम का कहना था कि कि जब तक इन दोनों प्रमुख समस्याओं का समाधान नहीं होता, उड़ान शुरू नहीं हो सकती।
उड़ान के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को लेकर पूछे सवाल के जवाब में निदेशक ने कहा कि इससे कोई दिक्कत नहीं है। मोबाइल एटीसी से भी उड़ान सेवाएं संचालित की जा सकती हैं।
कुशीनगर एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी एके द्विवेदी निदेशक का कहना है कि आवागमन व चहारदीवारी आदि की समस्या को जिला प्रशासन को ठीक करना है। सुरक्षा के लिहाज से जुलाई में उड़ान संभव नहीं दिख रही। सुरक्षा खामी ठीक भी कर ली जाए तो दिसंबर तक का समय लग जाएगा।