टेकुआटार प्रतिनिधि के अनुसार कसया तहसील क्षेत्र के सोहसा मठिया विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 गांवों विद्युत सप्लाई की जाती है। यहां तीसरे दिन भी बिजली नहीं आई तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया। गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए। ग्रामीण धीरज राव, रमेश राव, त्रिगसेन राव, शशिकांत ओझा, रामनेत, अजित राव, शशिकांत सिह, तूफानी, प्रदीप, दुर्गेश ने बताया कि गांवों में 18 घंटे और शहरों में 24 घंटे आपूर्ति का दावा फेल है। आंधी में गिरे पोल व तार ठीक नहीं होने से तीन दिनों से क्षेत्र की बिजली गुल है।
स्थिति यह है कि मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पा रहे हैं। परवरपार, सोहसा, सोहसा पट्टी गौसी, बनकटा, मंझरिया, परसौना, गढ़ेरीपट्टी, बनटोलवा, दुुुबौली समेत 50 गांवों में हाहाकार मचा है। एसडीओ भोलानाथ ने बताया कि आंधी में पोल टूट गए है। पोल की व्यवस्था की जा रही। शाम तक विद्युत व्यवस्था बहाल कर दी जाएगी।
बरवापट्टी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई है। कटौती बेतहाशा की जा रही है। लोगों को पता नहीं रहता कि बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी। क्षेत्र के रामप्रवेश साहनी, अजय गुप्ता, प्रमोद शर्मा, बिजुल प्रसाद, रमाकांत गुप्ता, मनोज प्रवेश साहनी, जितेंद्र ,उपेंद्र बताते हैं कि बिजली की कटौती का कोई समय निर्धारण नहीं रह गया है। आलम यह है कि लोग ठीक से मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पाते है। कटौती से इंवर्टर भी जवाब दे रहे हैं। लोगों ने व्यवस्था सुधारने की मांग की।
पिछले साल सेवरही से विद्युत उपकेंद्र तमकुहीरोड, तरयासुजान, दुदही और तमकुहीराज को संबद्ध करते हुए शासन ने सेवरही को डिवीजन घोषित किया था। लोगों को लगा था कि उन्हें अघोषित कटौती के साथ अन्य समस्याओं से निजात मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। सर्वाधिक बिजली की समस्या तरयासुजान क्षेत्र में है। बेंदूपार, सरया और कोईंदी फीडर से लगभग 200 गांवों को आपूर्ति की जाती है, लेकिन लापरवाही इस कदर है कि मामूली फाल्ट ठीक करने में कई दिन लग जाते हैं। सेवरही कस्बे से सटे सुमही संतपट्टी गांव में आए दिन बिजली गुल रहती है।
लोगों की शिकायतों पर विभाग ध्यान नहीं देता है। अहिरौलीदान में तीन दिन पहले पोल और तार टूट गए थे। इन्हें बदल भी दिया गया है, लेकिन अभी तक आपूर्ति शुरू नहीं की गई है। यही हाल चखनी, दाहुगंज, सिसवा, दानियाड़ी, गौरी नरोत्तम, ब्रह्मपुर, रानीगंज, मिश्रौली, जंगलीपट्टी, दोमाठ, पिपरा अगरवा, बैजुपट्टी, परसा समेत बिहार बार्डर के गांवों की है। कांग्रेसी नेता संजय राय का कहना है कि अब आंदोलन की नौबत आ गई है। लोगों का गुस्सा कब फूट जाए, कोई भरोसा नहीं है। जेई यशवंत सिंह कुशवाहा ने बताया कि आंधी के चलते जगह-जगह फाल्ट हो गए थे। उन्हें दुरुस्त करके आपूर्ति व्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है।