ग्रामीणों ने हियुवा नेताओं के साथ तत्कालीन एसपी व अन्य अधिकारियों से वार्ता कर मूर्ति की बरामदगी के लिए धरना प्रदर्शन तक किया था। इस मामले में पुलिस ने मंदिर के पूर्व महंत रहे रामरक्षा दास सहित कई लोगों से पूछताछ की थी, लेकिन नतीजा सिफर रहा और मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।
उसी बीच दिसंबर 2017 को गांव के शोभा सिंह के खेत से गन्ने की कटाई के दौरान खंडित अवस्था में चार मूर्तियां मिली थीं। तत्कालीन थानाध्यक्ष दिलीप कुमार पांडेय ने बरामद चारों मूर्तियों कर मालखाने में जमा करवा दिया था। मंगलवार को गांव के ही रामजी के खेत की निराई के दौरान चार मूर्तियां मिली।
इसमें दो का मुकुट व एक का सिंहासन भी था। सूचना के बाद एसआई आहूत यादव मौके पर पहुंच गए और बरामद मूर्तियों को कब्जे में ले लिया। इस प्रकार आठ मूर्तियां अब तक मिल चुकी हैं। जबकि तीन मूर्तियां अब भी गायब है। थानाध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि चार मूर्तियों को कब्जे में ले लिया गया है। शेष की तलाश कराई जा रही है।