हाटा। गरीबों को पक्का मकान देने के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली की शिकायत पर विधायक ने हाटा क्षेत्र के कई गांवों और नगरपालिका के कुछ वार्डों का निरीक्षण किया। कई ऐसे लोगों को आवास मिलने की बात सामने आई, जिनके पहले से ही आलीशान मकान हैं।
मंगलवार को विधायक ने पत्रकारों को बताया कि क्षेत्र में लोगों से बार-बार शिकायत मिल रही थी कि अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है, जबकि कच्चे घरों में रहने वाले बहुत से गरीब इस योजना से वंचित है। इस पर नगरपालिका के लोहिया नगर वार्ड, कालिका नगर वार्ड, अंबेडकर नगर वार्ड और कुछ अन्य गांवों में पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया।
इसमें पाया गया कि पहले से आलीशान घरवालों को इस योजना के तहत पात्र बताकर उन्हें आवास की धनराशि दे दी गई है। वहीं कुछ ऐसे मामले भी मिले, जिसमें पहने से बनाए गए पक्के मकानों पर विभाग ने आवास योजना के तहत घर बनवा दिया है।
विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए नामित नगरीय विकास अभिकरण डूडा के परियोजना निदेशक सरकार को बदनाम करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने बिचौलियों के माध्यम से लोगों से रुपये की वसूली करा रहे हैं और पात्रों को इस योजना से वंचित कर रहे हैं।
इसके लिए उनके खिलाफ प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री से शिकायत करेंगे। किसी भी हाल में पात्रों को सरकार की इस योजना से वंचित नहीं होने दिया जाएगा। अमर उजाला ने 12 जनवरी के अंक में ‘आवास योजना में बड़े पैमाने पर धांधली’ शीर्षक से खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी।