हाटा (कुशीनगर)। मिल को गन्ना सप्लाई करने के लिए इस वर्ष तैयार हुई नीति से क्षेत्र के किसान परेशान हो चुके हैं। मिल को चले एक सप्ताह भी नहीं बीता है और गन्ना सप्लाई करने के नए-नए नियम और कायदों ने किसानों को मुसीबत में डाल दिया है। पर्ची जारी होने के बाद तौल कराने की समय सीमा कम होने के कारण अभी तक करीब 25 प्रतिशत सप्लाई पर्चियां एक्सपायर हो चुकी है। इसे लेकर बुधवार को हाटा केन यूनियन की आपात बैठक भी हुई। जिसमें यह मुद्दा गरमाया रहा।
हाटा चीनी मिल को शुरू हुए एक सप्ताह का समय हो चुका है। इस दौरान गन्ना किसानों को गन्ना सप्लाई करने में कई तरह की दिक्कतों को सामना करना पड़ा है। इस वर्ष से पहले सप्लाई पर्ची जारी होने के बाद गन्ना तौल करने के लिए किसानों को एक सप्ताह का समय मिलता था और उसके बाद भी अगर पर्ची हायल हो जाती थी तो गेट पर ही उसे बनाने की व्यवस्था होती थी। इस वर्ष सप्लाई पर्ची जारी होने के दिन को लेकर तौल कराने के लिए कुल चार दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है। किसानों के अनुसार उन तक सप्लाई पर्चियां पहुंचने में ही दो दिनों को समय लग जाता है और गन्ना तैयार करने में ही दो दिन से तीन दिन का समय लग जाता है। यही कारण है कि 25 नवम्बर तक हाटा केन यूनियन की ओर से करीब पांच हजार सप्लाई पर्ची किसानों को जारी की गई थी, जिसमें से करीब 15 सौ सप्लाई पर्ची एक्सपायर हो गई। जिसे ठीक कराने के लिए किसान समिति के चक्कर लगा रहे है। इस समस्या को लेकर बुधवार को हाटा केनू यूनियन बोर्ड की आपात बैठक हुई। इसमें इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव पास किया गया। जिसे जिला गन्ना अधिकारी की बैठक में रखने की बात कही गई। न्यू इंडिया सुगर मिल के गन्ना प्रबंधक संजय त्यागी ने बताया कि पर्ची जारी करने की व्यवस्था इस बार केन यूनियन की ओर से किया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि मिल की ओर से किसानों को कोई दिक्कत न हो। कुछ दिन चीनी मिल के पेराई गति धीमी होने के कारण जाम हो लग रहा था, मंगलवार की रात से मिल अपने पूरे स्पीड़ में आ चुकी है। जब जाम की स्थिति नहीं आएगी।