नहीं चली डेमू, यात्रियों पर बढ़ा किराए का बोझ
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। डेमू ट्रेन अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जाने से कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग के यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोगों की जेब पर इस ट्रेन के बंद हो जाने से अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है। यात्रियों के समक्ष बसों से यात्रा करने की विवशता हो गई है। अब पडरौना जाने के लिए 40 रुपये की जरूरत होगी, तो वहीं बिहार प्रांत के गोपालगंज के लिए 60 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। जबकि ट्रेन से यात्रा पर उन्हें 10 से 15 रुपये ही खर्च करना पड़ता था।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग के लोगों के लिए ट्रेनों का संचालन लाइफ लाइन से कम नहीं है। क्योंकि इस क्षेत्र की व्यवसायिक गतिविधियां रेल यातायात पर ही निर्भर हैं। बावजूद इसके इस रूट पर ट्रेनों का अभाव है और आज तक कोई भी पूर्णकालिक एक्सप्रेस ट्रेन नहीं चलायी गई है। बुधवार से इस रूट पर नियमित चार फेरों के लिए चलने वाली डेमू ट्रेन को भी अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया। इससे व्यापार पर तो इसका प्रभाव पड़ ही रहा है, साथ ही यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्री अशोक कुमार वर्मा, देवचंद प्रसाद, जयंत गुप्ता, पप्पू जायसवाल, रामजी कसेरा, मक्खन जायसवाल, धर्मदेव साहू ने बताया कि डेमूू ट्रेन को अनिश्चितकाल के लिए बंद किए जाने से काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने रेल प्रशासन से इस रूट पर डेमू की जगह दूसरी पैसेंजर ट्रेन के संचालन की मांग की।
स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि अगले ादेश तक पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से डेमू ट्रेन का संचालन इस रेलखंड पर रोक दिया गया है।