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माध्यमिक शिक्षकों ने किया बैठक

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मूल्यांकन पारिश्रमिक बढ़ाने पर अड़े शिक्षक
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माध्यमिक शिक्षकों की बैठक में संघर्ष की रणनीति बनाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड। माध्यमिक शिक्षकों की बैठक में मूल्यांकन पारिश्रमिक बढ़ाने के लिए संघर्ष की रणनीति बनाई गई। शिक्षकों ने कहा कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन आठ मार्च से शुरू होने वाला है, लेकिन पारिश्रमिक दर में वृद्धि नहीं की गई है। चेतावनी दी कि अगर शीघ्र मूल्यांकन दर में वृद्धि नहीं की गई, तो मूल्यांकन का बहिष्कार किया जाएगा।
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माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) के मंडलीय अध्यक्ष प्रहलाद केशरी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से बोर्ड परीक्षाओं के पारिश्रमिक दर बढ़ाये जाने, वित्तविहीन शिक्षकों को मानदेय, तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण, पुरानी पेंशन योजना को लागू किए जाने, सीटी व एलटी ग्रेड की लंबित समस्याओं के समाधान और व्यावसायिक, कंप्यूटर शिक्षकों के विनियमितीकरण जैसी अन्य कई समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि यूपी बोर्ड भले ही अब सीबीएसई की राह पर चल पड़ा है, लेकिन पारिश्रमिक का भुगतान करने में यूपी बोर्ड काफी पीछे है। क्योंकि सीबीएसई अपनी हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 15 रुपये प्रति कॉपी, तो इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं के लिए 20 रुपये प्रति कॉपी की दर से भुगतान करता है। जबकि यूपी बोर्ड में हाईस्कूल के लिए सात रुपये, तो इंटर के लिए मात्र दस रुपये प्रति कॉपी की दर से भुगतान किया जाता है। मौजूद शिक्षकों ने मूल्यांकन दर में वृद्धि की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर दर में वृद्धि नहीं की गई, तो वह मूल्यांकन कार्य बहिष्कार करेंगे। इस दौरान संजय मिश्रा, डॉ. बुद्धिराम, ओमप्रकाश वर्मा, गोविंद सिंह, राजेश त्रिपाठी, रविंद्र मिश्र, सुरेंद्र सिंह, अमरनाथ प्रसाद, रमाकांत मिश्र आदि मौजूद रहे।
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