तमकुहीराज (कुशीनगर)। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में ही परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। अंतरजनपदीय शिक्षकों के स्थानांतरण के चलते ब्लॉक के छह विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से ताले लटक रहे हैं। इन विद्यालयों में छात्र प्रतिदिन पढ़ने तो आते हैं, लेकिन विद्यालय का ताला नहीं खुलने से वापस चले जाते हैं।
तमकुहीराज क्षेत्र में कुल 164 प्राथमिक विद्यालय हैं। अंतरजनपदीय स्थानांतरण के वजह से करीब 98 शिक्षक गैरजनपद के लिए कार्यमुक्त हो गए। इसके चलते 39 विद्यालयों में एक-एक शिक्षामित्र और 83 प्राथमिक विद्यालयों को एकल शिक्षक के भरोसे पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षकों की कमी इस कदर हो गई है कि प्राथमिक विद्यालय लबनिया, प्राथमिक विद्यालय बसंतपुर पटहेरवा, प्राथमिक विद्यालय मंझरिया माधोपुर, प्राथमिक विद्यालय डिबनी बंजरवा, प्राथमिक विद्यालय गंगुआ एवं प्राथमिक विद्यालय राजापाकड़ सेमरा हर्दोपट्टी समेत इन छह विद्यालयों में ताले लटक रहे हैं। इन विद्यालयों में बच्चे प्रतिदिन पढ़ने तो आते हैै, लेकिन ताला लटका देख वापस चले जाते हैं।
इन गांवों के सूरज गुप्ता, संजय, रविंद्र सिंह, बलिस्टर, राजेश, ओमप्रकाश , अशोक, भुटेली आदि अभिभावकों का कहना है कि सरकार और प्रशासन ने एक तरफ गैरमान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को बंद करा दिया है। दूसरी ओर परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इन लोगों ने प्रशासन से विद्यालयों में अतिशीघ्र शिक्षकों की तैनाती करने और शिक्षा व्यवस्था ठीक करने की मांग की है।
इस संबंध में बीईओ आरएस वर्मा का कहना है कि शिक्षकों की कमी का मामला संज्ञान है। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती कर जल्द ही इस समस्या को दूर कर लिया जाएगा।