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एसडीएम ने स्कूलों की जांच की

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शिक्षक बन गए एसडीएम, प्रार्थना के बाद पढ़ाया भी
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सुबह आठ बजे ही जांच में निकले थे एसडीएम तमकुहीराज
फोटो है
अमर उजाला ब्यूरो
पटहेरवा/फाजिलनगर। तमकुही ब्लॉक के तीन विद्यालयों की सोमवार को सुबह एसडीएम ने जांच की। जांच के दौरान एक स्कूल बंद मिला, जबकि दो जगह अध्यापक ही नहीं पहुंचे थे। एक विद्यालय पर एसडीएम ने बच्चों के साथ प्रार्थना की। इसके बाद कक्षा में जाकर एक घंटे तक उन्हें पढ़ाया। देर से स्कूल पहुंचे अध्यापक एसडीएम के आने की जानकारी से सन्न रह गए। एसडीएम ने लेट लतीफ अध्यापकों से बीईओ के जरिए जवाब-तलब किया है।
सुबह करीब सवा आठ बजे प्राथमिक विद्यालय सेंदुरिया खुर्द पहुंचे एसडीएम त्रिभुवन को नामांकित 51 में से महज दो छात्र मिले। अध्यापिका प्रियंका दूबे स्कूल नहीं पहुंची थीं। साढ़े आठ बजे प्राथमिक विद्यालय पटहेरवा पहुंचे एसडीएम को कोई भी शिक्षक नहीं मिला। एक अध्यापिका के पति स्कूल में थे। नाराज एसडीएम ने बच्चों को लाइन में खड़ा कराया और खुद उनके साथ खड़ा होकर प्रार्थना किए। इसके बाद कक्षवार बच्चों की क्लास लगी और एसडीएम ने उन्हें करीब एक घंटे तक पढ़ाया। उस वक्त स्कूल में करीब 30 बच्चे मौजूद थे। एसडीएम जब बच्चों को पढ़ाकर चले गए तो बाद में यहां की शिक्षिका कंचन सिंह व संध्या वर्मा स्कूल पहुंचीं। इसके अलावा एसडीएम ने मॉडल प्राथमिक स्कूल मथौली की जांच की। यहां दोनों शिक्षक राधाकृष्ण प्रसाद व रेणू देवी मौजूद थीं। कुल 26 बच्चे ही स्कूल में पहुंचे थे, जिन्हें दो कमरो में बैठाया गया था। यहां भी एसडीएम ने बच्चों को पढ़ाया।
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एसडीएम त्रिभुवन का कहना है कि स्कूलों को सुधारने के लिए केवल दंड की बजाय कुछ रचनात्मक कार्य भी करने होंगे। समय से स्कूल नहीं पहुंचने वाले शिक्षकों से बीईओ के जरिए जवाब-तलब किया गया है। शिक्षक अपनी आदत सुधार लें तो स्कूलों की दशा बदलते देर नहीं लगेगी।
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