जंगलीपट्टी में दो स्पर क्षतिग्रस्त, एपी बांध पर खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
तमकुहीरोड।
जंगलीपट्टी में दो स्परों के क्षतिग्रस्त हो जाने से एपी बांध पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। वहीं इसे लेकर गांववालों में बेचैनी बढ़ गई है। बाढ़ खंड विभाग बोरे में मिट्टी भर कर क्षतिग्रस्त स्परों को बचाने का प्रयास कर रहा है। गांववालों का कहना है कि डिस्चार्ज बढ़ने से पहले कटान रोकने का इंतजाम नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जंगलीपट्टी के सामने किलोमीटर 800 और 1000 पर बने दोनों स्पर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शनिवार को किलोमीटर 800 पर बने स्पर का लगभग पच्चास मीटर हिस्सा कटकर गंडक नदी में विलीन हो गया। इससे जंगलीपट्टी सहित कई गांवों पर कटान व बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गांववालों का आरोप है कि यह बचाव कार्य महज एक खानापूर्ति भर है। यदि गंडक नदी में डिस्चार्ज बढ़ने के पहले बोल्डर से कटान को नहीं रोका गया तो एक बार फिर 2007 की तरह हालात बन जाएंगे। गांव के प्रधान बुटाई निषाद, पारस सिंह, भरत गुप्ता, मथुरा सिंह, प्रभुनाथ यादव, सुरेंद्र सिंह, डॉक्टर आरएन यादव, प्रदीप तिवारी आदि ने संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन से अविलंब बांध और स्परों की सुरक्षा मजबूत किए जाने की मांग की है। इस संबंध में बाढ़ खंड के एक्सईएन भरत राम का कहना है कि स्परों को सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।