फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें, सड़क पर बैठकर धरना दिया

विज्ञापन
विज्ञापन
कुशीनगर। डोल मेला के दौरान तमकुहीराज में पंडाल में रखी हनुमानजी की मूर्ति खंडित होने के बाद रविवार को भी माहौल गर्म रहा। पुलिस एवं लोगों के बीच कई बार झड़प होने की स्थिति पैदा हुई। व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और सड़क पर बैठकर धरना दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे तथा नौ व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी। ओवरब्रिज चौराहे पर कुछ लोगों ने राहगीरों के साथ बदसलूकी की, जिस पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। उसके बाद प्रशासन, व्यापारियों एवं क्षेत्र के संभ्रांत लोगों ने शांति मार्च निकालकर दुकानें खोलवाईं और आम लोगों से अपने - अपने घरों को लौट जाने की अपील की। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं होने पर माहौल शांत है लेकिन बना हुआ है।
विज्ञापन

शुक्रवार की रात तमकुहीराज बाजार में लगे पंडाल में रखी मूर्ति खंडित किए जाने के मामले में शनिवार से ही लोग - विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरे दिन रविवार को भी तमकुहीराज का माहौल गर्म रहा। कार्रवाई के लिए प्रशासन की ओर से दी गई 24 घंटे की समय सीमा समाप्त होने पर अखाड़ा समिति के सदस्यों, व्यापारियों एवं आसपास के लोगों ने पुलिस प्रशासन पर मामले में उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने दूसरे दिन भी अपनी दुकानें बंद रखीं। यहां तक कि तमकुहीराज बाजार के दवा व्यवसायी भी अपनी दुकानें बंद कर धरना को समर्थन देने लगे। इन लोगों ने मूर्ति खंडित करने के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के विरोध में नारे भी लगाए। प्रशासन की सूझबूझ से कई बार स्थिति बिगड़ने से बची।
दोपहर करीब बारह बजे एसडीएम तमकुहीराज गुलाब चंद्र एवं सीओ जनार्दन तिवारी ने पुलिस चौकी तमकुहीराज पहुंचकर व्यापारियों व संभ्रांत लोगों के साथ बैठक की। लोगों की शिकायत थी कि समय सीमा समाप्त होने के बावजूद पुलिस प्रशासन इस मामले में उदासीनता बरत रहा है। एसडीएम ने बैठक में उपस्थित लोगों को बताया कि अखाड़ा के संचालक व व्यापारी प्रदीप सोनी की तहरीर पर तरयासुजान थाने में नौ लोगो के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। नामजद लोगों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को कम से कम सात दिन का समय चाहिए। इस दौरान तमकुहीराज में शांति व्यवस्था बनी रहनी चाहिए, जिससे पुलिस अपना कार्य कर सके। तब लोगों ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हर तरह से सहयोग करने का भरोसा दिलाया।
विज्ञापन

इसके बाद प्रशासन एवं संभ्रांत लोगों की ओर से तमकुहीराज में शांति मार्च निकाला गया। व्यापारियों से दुकानें खोलने एवं आम लोगों को अपने घर वापस लौटने की अपील की गई। इसी दरम्यान कुछ शरारती तत्वों ने ओवरब्रिज चौराहे के पास राहगीरों को पीटना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा। इसके बाद दो बजे से तमकुहीराज की दुकानें खुलनी शुरू हो गईं और धीरे धीरे माहौल सामान्य होने लगा, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें