13 ब्लॉकों को मिलेगी वाई-फाई की सुविधा
पडरौना (कुशीनगर )। डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत जिले के 13 ब्लॉकों को दिसंबर तक वाई-फाई से जोड़ने का लक्ष्य है। इस प्रोजेक्ट के फेस-2 के अंतर्गत वर्ष-2018 से कार्य जारी है। हालांकि पहेल फेज में कप्तानगंज ब्लॉक के 65 गांवों में केबिल बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। वहीं, शेष तेरह ब्लाकों में से कुछ ब्लॉकों को छोड़कर अधिकांश ब्लॉकों के गांवों तक केबिल बिछा दी गई है।
डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से है, जिसके तहत जनपद के हर गांव के पंचायत भवन को वाई-फाई से जोड़ा जाना है। ताकि गांव के पंचायत भवन भी जनसेवा केंद्रों की भांति सक्षम हो सकें और किसी भी प्रकार के आवेदन के लिए गांव के लोगों को बाजार या शहर जाने की आवश्यकता न पड़े। इस योजना के फेज-1 की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। तब कुशीनगर जनपद का सिर्फ एक ब्लॉक ही इसके लिए चयनित किया गया था। विभाग के अफसर बताते हैं कि फेज-1 में कप्तानगंज ब्लॉक का चयन किया गया था, वहां केबिल बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। 65 गांवों में ओएनटी (ऑप्टिकल नेटवर्क टर्मिनल) लगाए जा चुके हैं।
दूसरे फेज की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। इसके तहत जनपद के 13 ब्लॉकों के गांवों को शामिल किया गया है। हालांकि इन ब्लॉकों में कार्य अभी प्रगति पर है। दुदही ब्लॉक के 65, सेवरही के 35, रामकोला के 14, कसया के 16, तमकुही के 17 और पडरौना ब्लॉक के 18 गांवों में केबिल बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। शेष ब्लॉकों और गांवों में अभी भी केबिल बिछाने का कार्य जारी है। दिसंबर तक इस कार्य को पूरा कर लेने का लक्ष्य है।
इन कारणों की वजह से वाई-फाई से जोड़ने में हो रही देरी
विभाग के मुताबिक सबसे बड़ी वजह तो कोरोना संक्रमण का दौर है। संक्रमण और इसके चलते हुए लॉकडाउन के दौरान मजदूर काम पर आने से घबराते थे, जिसकी वजह से कार्य में विलंब हुआ। इसके अलावा जनपद के बीच से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइन के एक तरफ से दूसरी तरफ केबिल ले जाने में रेलवे की एनओसी की आवश्यकता है, जिसके लिए पत्राचार किया गया है।
जहां पंचायत भवन ठीक दशा में नहीं, वहां परिषदीय विद्यालय जोड़े जा रहे
विभाग के मुताबिक डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत गांवों के पंचायत भवनों को वाई-फाई से जोड़ा जाना है, लेकिन बहुत से पंचायत भवन जर्जर हाल में हैं या फिर गांव के अंदर हैं। वहां केबिल ले जाने के लिए ग्रामीण सहमत नहीं होते। इस वजह से पंचायत भवनों की जगह कहीं-कहीं आंगनबाड़ी केंद्र या परिषदीय विद्यालयों को जोड़ने का कार्य चल रहा हरै। क्योंकि वहां शिक्षक या कर्मचारी मौजूद रहने से वाई-फाई के उपकरण सुरक्षित भी रहेंगे और उनकी देखभाल भी होती रहेगी।
डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट के तहत कुशीनगर जनपद के प्रत्येक गांव को भी वाई-फाई से सुसज्जित किया जाएगा। पहले फेज में कप्तानगंज ब्लॉक के 65 गांवों में केबिल बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। जबकि दूसरे फेज में शेष 13 ब्लॉकों का कार्य प्रगति पर है। अनेक पंचायत भवन ठीक दशा में नहीं हैं। इसलिए उपकरणों की सुरक्षा और देखभाल के लिहाज से कहीं-कहीं उनकी जगह आंगनबाड़ी केंद्र या परिषदीय विद्यालय तक केबिल डाली जा रही है। दिसंबर तक यह कार्य पूर्ण कर लेने का लक्ष्य है। इसके बाद बीबीएनएल (भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड) की तरफ से वाईफाई से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। यही नामित एजेंसी भी है। इसी की तरफ से बीएसएनएल को जमीन में ओएनटी केबिल डालने का कार्य मिला है।
-वीपी सिंह, एसडीओ, बीएसएनएल