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कप्तानगंज-थावें रेलखंड का किया निरीक्षण

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रेल अधिकारियों ने किया विद्युतीकरण का निरीक्षण
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काम में तेजी लाने की हिदायत
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। रेलवे के अधिकारियों ने कप्तानगंज-थावे रेलखंड पर हो रहे विद्युतीकरण का निरीक्षण किया। ट्रैक, विद्युतीकरण, प्लेटफार्म आदि की स्थिति देखी और काम में तेजी लाने की हिदायत दी।
कठकुइयां एवं तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, पूर्वोत्तर रेलवे के सुरक्षा आयुक्त और डीआरएम ने शनिवार को कठकुइयां से थावे तक विद्युतीकरण का हाल जाना। इससे पहले 17 मार्च को सीआरएस ने भी निरीक्षण किया था। रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मोहम्मद लतीफ़ खान, डीआरएम एसके झा, सीनियर डीओएम रोहित गुप्ता, सीनियर डीई एमके सिंह, सीनियर डिसीटीआई आशुतोष पांडेय आदि शनिवार को 11.10 बजे विशेष सैलून से तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पहुंचे। नवनिर्मित पावर स्टेशन के नियंत्रण कक्ष का जायजा लिया। लगभग 35 मिनट रुककर सभी यंत्रों के साथ बिजली सप्लाई का बारीकी से निरीक्षण किया। वहां से स्टेशन पर पैनल कक्ष, रिले कक्ष, बैट्री कक्ष, पीआरएस, रेल परिसर सहित तारों की भी जांच की। साथ ही सभी यंत्रों के बारे में संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली। लगभग डेढ़ घंटे की जांच के बाद अधिकारियों का दल पुन: विशेष सैलून से रवाना हो गया। इस दौरान डिप्टी सिटीआरसी मनीष गंगवार, सीनियर डीपीआईडी धर्मेंद्र कुमार यादव, सीपीडी सुधांशु कृष्ण दुबे, स्टेशन अधीक्षक निखिल रघुनाथ श्रीवास्तव, सहायक स्टेशन अधीक्षक बागीश कुमार राय, अजीत कुमार, राजेश श्रीवास्तव, आरपीएफ के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार सिंह, सत्येंद्र कुमार, कमलेश पांडेय, रामकुमार स्टेशन मास्टर कठकुइयां, अनिल कुमार स्टेशन मास्टर सहित अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।
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गोरखपुर-पनियहवा के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की तैयारी
खड्डा। गोरखपुर से पनियहवा के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की कोशिश शुरू हो गई। ट्रैक का स्लीपर बदला जा रहा है। जेई (रेल) की अगुवाई में तकनीकी टीम इस काम में जुटी है।
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जेई (रेल) विनोद कृष्ण फटेटा की अगुवाई में रेलवे की तकनीकी टीम ने शनिवार को खड्डा रेलवे स्टेशन के रेल ट्रैक का निरीक्षण किया। इसके साथ ही खड्डा-पनियहवा रेलवे स्टेशन के बीच खंभा संख्या 315/4-5 के बीच रेल ट्रैक के नीचे लगे 52 किलोग्राम के स्लीपर को बदलकर 60 किलोग्राम का स्लीपर लगाया जा रहा है। रेल ट्रैक की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। जेई ने बताया कि टीएसआर का काम हो रहा है। इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने को ध्यान में रखकर रेल पटरियों के स्लीपर की क्षमता बढ़ाई जा रही है। इस दौरान ट्राली मैन करन कुमार विश्वकर्मा समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
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