तमकुहीरोड। अहिरौलीदान के कचहरी टोला के सामने एक बार फिर गंडक नदी में कटान तेज हो जाने से लोग सहम गए हैं। कटान से भयभीत लोग अपने लिए सुरक्षित स्थान की तलाश कर रहे हैं। जिन लोगों का घर नदी के नजदीक है वे अपने जरूरी सामान दूसरी जगह भेजने लगे हैं। नदी यहां पिछले तीन वर्षों से कटान कर रही है।
गंडक नदी के किनारे बसे अहिरौलीदान के कई टोले कटान की चपेट में हैं। कचहरी टोला, खैरखूटा, डीह टोला, मदुरही, नोनिया पट्टी आदि के लोग कटान शुरू होने से चिंतित हैं। अहिरौलीदान गांव के पूर्व प्रधान हरिकृष्ण सिंह, श्रीकिशुन, गया, रामाज्ञा आदि के घर के पास तक नदी पहुंच गई है। कटान की गति कम नहीं हुई तो अगले दो से तीन दिनों में यहां के कई घर नदी में विलीन हो जाएंगे। इसके अलावा पारस, चंद्रिका, रामनरेश, विपिन, राघव, प्रमोद, मदन, माधव आदि भी कटान नहीं रुकने पर पलायन की तैयारी में हैं। इन लोगों का आरोप है कि बाढ़ खंड और प्रशासन की उपेक्षा के चलते उन लोगों को हर साल बरसात में इस समस्या का सामना करना पड़ता है। जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह पटेल, ग्राम प्रधान हीरालाल यादव, पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, जितेन्द्र कुमार सिंह, सुजीत यादव, अरविंद सिंह आदि का कहना है कि इस गांव का बैरिया टोला, कंचन टोला और चित्तू टोला कटान के चलते समाप्त हो चुका है।