कुशीनगर। गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज बृहस्पतिवार की रात में 11 बजे तक 2.24 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इसकी वजह से भैंसहा गेज पर नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 63 सेमी ऊपर हो गया था। नदी यहां खतरे के लाल निशान से मात्र 37 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से खड्डा क्षेत्र के मरचहवा समेत 10 गांवों और तमकुहीराज क्षेत्र के पिपराघाट के कई टोलों में बाढ़ का पानी भर गया है। एपी तटबंध पर कई जगह नदी का दबाव बढ़ने से लोग सशंकित हो गए हैं।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार वाल्मीकि नगर बैराज से बृहस्पतिवार की रात 11 बजे 2.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह बरसात सीजन का सर्वाधिक डिस्चार्ज है। जलस्तर बढ़ने से मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर, हरिहरपुर, नरायनपुर आदि गांवों के लगभग 400 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालांकि शुक्रवार की सुबह डिस्चार्ज में कुछ कमी आई लेकिन शाम चार बजे डिस्चार्ज फिर दो लाख क्यूसेक पर पहुंच गया था। बसंतपुर निवासी जवाहिर, मुंशी, ध्रुप, गुलाब, सोनिया व मरचहवा दक्षिण टोला के नरेश, वीरेंद्र, लालू, ठाकुर आदि ने बताया कि घर में पानी भर जाने की वजह से रहने व भोजन का संकट का गहरा गया है।
बाढ़ के पानी के साथ जहरीले जीव जंतुओं से खतरा भी बढ़ गया है। शुक्रवार को सुबह बसंतपुर निवासी मुंशी के घर के पास पानी में एक साथ लिपटे कई सांप देखकर लोग सहम गए। पानी भर जाने से गांव के स्कूल बंद हैं। हैंडपंप भी पानी में डूब गए हैं। मरचहवा-बसंतपुर मार्ग, बसंतपुर-सोहगीबरवा मार्ग, मरचहवा-बालगोविंद छपरा मार्ग तथा मरचहवा-शिवपुर मार्ग पर पानी बह रहा है। लोग नाव से एक से दूसरे गांव तक जा रहे हैं। मरचहवा के ग्राम प्रधान इजहार ने बताया कि लोगों की परेशानी से एसडीएम, तहसीलदार व कानूनगो को अवगत कराया गया है, लेकिन कोई खोज खबर लेने नहीं पहुंचा है।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार नदी में पानी का डिस्चार्ज बढ़ने का असर शुक्रवार की सुबह पिपराघाट गांव के आसपास दिखाई देने लगा। पिपराघाट के जोगनी टोला स्थित सरकारी अस्पताल व स्कूल के अलावा मोतीराय टोला के परिषदीय स्कूलों में बाढ़ का पानी भर गया है। इमिलिया टोला, शिव टोला, देवनरायन टोला, दहारी टोला, बुटन टोला, मुसहरी टोला, नरवा टोला, चौकी टोला समेत सभी 17 टोले चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। एपी तटबंध के सभी संवेदनशील स्थानों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। जंगलीपट्टी, विरवट कोन्हवलिया, बाक खास समेत कई जगह नदी का दबाव बंधे पर बढ़ गया है।