कुशीनगर। समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षा मित्र टेट उत्तीर्ण अध्यापकों पर भी निशाना साध रहे हैं। सोशल मीडिया पर धमकी भरे कई पोस्ट वायरल होनेे के बाद से ही ये अध्यापक सहमे हुए हैं। प्रकरण को लेकर शिक्षकों के घर वाले भी परेशान हैं। शिक्षा मित्रों की धमकी के चलते कई जगह टेट शिक्षक बिना किसी प्रतिरोध के स्कूल बंद कर दे रहे हैं।
वर्ष 2014-15 में तत्कालीन सरकार ने दूरस्थ विधि से बीटीसी का प्रशिक्षण दिलाकर शिक्षा मित्रों को परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के रूप में समायोजित कर दिया था। इससे नाराज टेट शिक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। टेट शिक्षकों के मामले पर फैसला देते हुए हाईकोर्ट ने 12 सितंबर 2015 को समायोजित शिक्षा मित्रों को उनके पद से बर्खास्त कर दिया था। पुन: मामला शीर्ष अदालत पहुंचा। अदालत ने 25 जुलाई को अपने फैसले में समायोजित शिक्षा मित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द कर दिया। तभी से जनपद के समायोजित शिक्षक व शिक्षा मित्र आंदोलन कर रहे हैं। एक तरफ यह आंदोलन तेज होता जा रहा है तो दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर टेट उत्तीर्ण शिक्षकों को धमकी भी दी जा रही है। इसी में कुछ असामाजिक तत्व समायोजित बनाम टेट शिक्षक कर मामले को दूसरा रंग देने में लगे हुए हैं। इस तरह की चर्चाओं के बाद टेट उत्तीर्ण शिक्षक सहमे हुए स्कूल जा रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय दहारी पट्टी में तैनात सहायक अध्यापक सीमा त्रिपाठी ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहे पोस्ट के बाद चिंतित होना लाजमी है। हमारी सहानुभूति शिक्षा मित्र साथियों के साथ है, लेकिन उन्हें भी हमारी विवशता समझनी चाहिए। प्राथमिक विद्यालय डिग्री में तैनात कुसुम द्विवेदी ने कहा कि घर से दूर हम नौकरी करने आए हैं। हमारा शिक्षा मित्रों से कोई मतभेद नहीं है। प्राथमिक विद्यालय मधुरिया में तैनात पल्लवी सिंह का कहना है कि गनीमत है कि उनके विद्यालय पर कोई समायोजित शिक्षक नहीं है। इस तरह के पोस्ट की जानकारी मिलने पर दुख हुआ। घर वाले भी परेशान हैं। रावतपार में तैनात सहायक अध्यापक संध्या सिंह का कहना है कि रास्ते से लेकर विद्यालय तक चिंता बनी रहती है। इस प्रकार के दुर्भाग्यपूर्ण पोस्ट से बचना चाहिए था ।
इस संबंध में थानाध्यक्ष नीरज शाही ने कहा कि उन्हें कुछ दिशानिर्देश मिले हैं। पुलिस इस प्रकार के मामलों में सख्ती करेगी। सभी शिक्षक अपने विद्यालयों में जाकर शिक्षण कार्य करें। अगर कहीं कोई दिक्कत आए तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।