जिलाध्यक्ष रामप्रताप सिंह विशेन ने कहा कि महाराणा प्रताप मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। क्षत्रिय समाज के मेवाल के इस महान योद्घा के जीवनी से प्रेरणा लेकर हमें उनके बताए रास्ते पर देश की मान सम्मान की रक्षा करनी चाहिए। कार्यक्रम को रामप्रताप सिंह, राजेश सिंह, अभिमन्यु सिंह, संजय शाही, जितेंद्र सिंह, वीरबहादुर सिंह आदि ने संबोधित कर उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस दौरान शत्रुघ्न सिंह, नीरज सिंह, दयाशंकर सिंह, अमिताभ सिंह, सदाशिव मणि त्रिपाठी, मनीष राय, अयोध्या राव, गया मिश्र, मानवेंद्र सिंह, शिवप्रताप सिंह, हरिशंकर सिंह, अमिभषेक सिंह आदि मौजूद रहे।
इसीतरह बावली चौक चौराहे पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तरफ से महाराणा प्रताप की प्रतीमा पर माला पहनाकर जयंती मनाई गई। नगर मंत्री विशाल सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें देश के प्रति समर्पण की सीख मिलती है। हमें उसे अंगीकार करना चाहिए। इस मौके पर प्रियांजल सिंह, अतुल सिंह, प्रिंस चौहान, विशाल प्रजापति, राजन प्रजापति, प्रभात सिंह, अमित राव, सचिन मिश्रा, शुभम शाही, राजेश आदि मौजूद रहे।
वीरता के लिए अमर हैं महाराणा प्रताप : श्रीकांत
कसया। बुद्ध इंटर कॉलेज में गुरुवार को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। अध्यक्षता कर रहे श्रीकांत सिंह कुशवाहा ने कहा कि उनका जन्म आज ही के दिन 1540 में उदयपुर के मेवाड़ में सिसोदिया राजपूत राजवंश में हुआ था। इतिहास में उनका नाम वीरता और दृढ़ प्रतिज्ञा के लिए अमर है।
उन्होंने कई वर्षों तक अकबर के साथ युद्ध किया और अनेक बार हराया। महाराणा प्रताप की वीरता से अकबर भी प्रभावित था। हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप 20 हजार राजपूतों को साथ लेकर अकबर की विशाल सेना से युद्ध किया। अरविंद कुमार राव ने भी महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पण किया गया। इस अवसर पर वेद प्रकाश मिश्र, सत्येंद्र पांडेय, विजय मणींद्र त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।