कुशीनगर में बुद्ध धातु शोभायात्रा के लिए थाई मंदिर में जानकारी देते आयोजक मंडल के सदस्य मंचासीन एसपी व बौद्ध भिक्षु।
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कसया। वाट थाई कुशीनारा छर्लमराज थाई मंदिर की ओर से इस वर्ष पर भी तीन दिवसीय भव्य बुद्ध धातु शोभा यात्रा 22 फरवरी से शुरू होगी। इसमें यहां मौजूद मोनस्ट्री, मंदिर, धर्मशाला और विभिन्न देशों के पर्यटक भाग लेंगे। समापन 24 फरवरी को रामाभार स्तूप पर विशेष पूजा अर्चना के साथ होगा। शोभायात्रा की तैयारियां जोरशोर से चल रही हैं।
इस दौरान सांस्कृतिक, सामाजिक व अध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े कार्यक्रम होंगे। 22 को निशुल्क मेडिकल कैंप, 23 को थाई मंदिर से महापरिनिर्वाण मंदिर और 24 को महापरिनिर्वाण मंदिर से रामाभार स्तूप तक की शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र रहेगी। बुद्ध धातु शोभा यात्रा की सफलता की कामना करते हुए एसपी राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि इससे भारत और थाईलैंड मैत्री संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
भंते नंदरतन ने कहा कि बुद्ध धातु शोभायात्रा से विश्व को जागृत करना है। विश्व में शांति कायम हो इसके लिए शांति पाठ और विशेष पूजा अर्चना का आयोजन होगा। भंते महेंद्र ने कहा कि माघी पूर्णिमा का महत्व भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण तिथि है। इसी दिन उन्होंने वैशाली में अपने शिष्य से कहा था कि तीन माह बाद पूर्णिमा को कुशीनगर में वह महापरिनिर्वाण को प्राप्त होंगे।
आयोजक थाईलैंड के पोंग्रिथ श्रीस्मिथ ने कहा कि कुशीनगर में पहले के अपेक्षा बेहतर सुविधाएं और सफाई देखकर काफी खुश हूं। इस बार भी बिहार हथुआ के राजा पर महारानी इस शोभायात्रा में भाग ले रहे हैं। टीके राय ने बताया कि इस दौरान स्थानीय 31 स्कूलों के बच्चे संगीत प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
इसके अलावा पुरातत्व अधिकारी अविनाश चंद्र त्रिपाठी ने भी विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता थाई मंदिर के फ्रॉ खुरोननार्थ चेत्यापिराक और संचालन अंबिकेश त्रिपाठी ने किया। इस मौके पर विवेक गोंड, आदित्य राय, जितेंद्र राय सहित थाई बौद्ध अनुयायी और पर्यटक मौजूद रहे।