कुशीनगर। जिले के हजारों किसानों के लिए मुसीबत बन चुके मवन नाले के जीर्णोद्घार के लिए शासन ने नौ करोड़ 44 लाख 29 हजार की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है। प्रथम किश्त के रूप में एक करोड़ 50 लाख रुपये भी सिंचाई विभाग को मिल गए हैं। नाले में पानी कम होते ही कार्य शुरू हो जाएगा। शनिवार को सिंचाई विभाग के अभियंताओं के साथ क्षेत्रीय विधायक ने कार्य शुरू कराने के लिए मौका मुआयना किया।
महाराजगंज जनपद से निकलने वाले 62 किलोमीटर लंबे मवन नाले का करीब 47 किलोमीटर हिस्सा कुशीनगर जिले में है। यह नाला कप्तानगंज तहसील के इंदरपुर गांव में प्रवेश करके हाटा तहसील क्षेत्र में छोटी गंडक में मिलता है। बरसात के दिन में नाले के पानी की वजह से हजारों किसानों की फसल बर्बाद होती है। रामकोला के विधायक रामानंद बौद्ध ने बीते बरसात में डीएम आंद्रा वामसी को प्रभावित किसानों की बीच लाकर पीड़ा बताई थी। इसके बाद नाले की खुदाई व किनारों को मजबूत बनाने के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को प्रस्तावित की गई थी। शनिवार को विधायक रामानंद बौद्ध, एसडीएम कप्तानगंज त्रिभुवन और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुनील कुमार शाही नाले का निरीक्षण करने पहुंचे। सहायक अभियंता सुनील कुमार शाही ने बताया कि मवन नाले की कुल लंबाई 62 किलोमीटर है। इसमें से 47 किलोमीटर हिस्सा कुशीनगर और 15 किलोमीटर महाराजगंज में है। नाले की सफाई और खुदाई के लिए नौ करोड़ 44 लाख 29 हजार की कार्ययोजना बनाई गई है। कार्ययोजना स्वीकृत होने के बाद शासन स्तर से प्रथम किश्त के रूप में एक करोड़ 50 लाख जारी किए गए हैं। जो विभाग के खाते में आ गए हैं। नाले में अभी पानी अधिक है। पानी कम होते ही खुदाई का कार्य शुरू हो जाएगा।
इस दौरान जेई सतीश चंद्र, जिलेदार कन्हैया लाल यादव, राजेश पटेल, राधेश्याम सिंह, फुलबदन कुशवाहा, धीरज सिंह, टुनटुन दुबे, भरत गुप्ता, महिमा पांडेय, सीताराम, सुभाष साहनी आदि मौजूद रहे।