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कवियों ने कसे व्यंग, गुदगुदाया भी

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दीप जलाकर उद्घ्‍ााटन करते मुख्‍य अतिथि - फोटो : कुश्‍ाीनगर ब्यूरो
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टेकुआटार (कुशीनगर)। मंगलवार की रात में अहिरौली राजा गांव में कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। संस्कार परिवार की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं के कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाएं सुनाईं।
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कार्यक्रम की शुरुआत सत्यवंदा शर्मा की वाणी वंदना से हुई। इसके बाद आचार्य मुकेश ने सुनाया कि उजड़े गुलशन को तुम सजा जाओ, हाल रहा क्या मेरा, बता जाओ। दर्द सिरहाने आके बैठा है, मेरे जख्मों को गुनगुना जाओ... । ज्ञानेश्वर गुंजन की रचना मोहब्बत के तराने जब लबों तक ही न आएंगे.. को युवा श्रोताओं की वाहवाही मिली। डॉक्टर ईश्वर चंद तिवारी ने सुनाया कि सत्य पर आवरण नहीं होता, दर्द का व्याकरण नहीं होता.. । पंडित भूषण त्यागी की रचना दर्द होता रहा, छटपटाते रहे, आईने से सदा चोट खाते रहे..को खूब वाहवाही मिली। नंद जी नंदा, रामनगीना यादव, नदीम अब्बासी आदि ने भी अपनी कविताएं सुनाईं। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी व विशिष्ट अथिति मनोज शर्मा सारस्वत ने किया। आयोजन समिति के संयोजक चंदेश्वर शर्मा परवाना ने आए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेंद्र नाथ तिवारी व संचालन धीरज राव ने किया।
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