सीडीओ रामसूरत पांडेय की मौजूदगी में हुई इस बैठक में अपर मुख्य अधिकारी अमित राज सिंह ने वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए राज्य वित्त आयोग की कार्ययोजना प्रस्तुत की। जिला पंचायत सदस्य उग्रसेन यादव ने इस मद में उपलब्ध धनराशि के बारे में जानकारी चाही। एएमए ने बताया कि जिला पंचायत के पास 30,90,99,700 रुपये हैं। इसमें वेतन, पेंशन के मद में चार करोड़ रुपये तथा 25 प्रतिशत धनराशि 7,72,74,925 रुपये अनुरक्षण मद में, जिला पंचायत की परिसंपत्तियों के रख-रखाव पर 1,54,54,985 रुपये तथा नवीन कार्य के लिए 17,63,69,900 रुपये रखा गया है।
अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2018-19 के पुनरीक्षित बजट और 2019-20 के प्रस्तावित अनुमानित बजट पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि बैठक में 51.33 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित तथा 48.58 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया। इसके अलावा लेबर बजट के अलावा अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं के बारे में चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाने के बाद विकास कार्य शुरू नहीं हो पाते, इसीलिए यह बैठक हुई ताकि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही विकास कार्यों पर मुहर लग सके।
इस बैठक में सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह, डीआईओएस उदय प्रकाश मिश्र, रामकोला के विधायक रामानंद बौद्घ, डीसी मनरेगा प्रेमप्रकाश त्रिपाठी, पीडी संजय पांडेय सहित अन्य विभाग के अधिकारियों के अलावा जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हरीश कुमार राणा, चंद्रिका यादव, शकुंतला देवी, अरुण कुमार, अर्चना चौधरी, शमशाद आलम, धनंजय, फूलबदन कुशवाहा, सत्यकाम पांडेय, जुबेर अहमद, बृजनारायण अन्य सदस्य मौजूद थे।