बुधवार को दोपहर बाद कॉलेज के सूचना बोर्ड पर विभिन्न पदों के लिए वैध पाए गए उम्मीदवारों की सूची चस्पा की गई। जिसमें अध्यक्ष पद के दो उम्मीदवारों का नाम ही नहीं था और उनका पर्चा खारिज कर दिया गया, इसको लेकर समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। छात्रों के जिद के आगे कॉलेज प्रशासन ने दोनों उम्मीदवारों को पुन: चुनाव मैदान में लड़ने की अनुमति दे दी। तब जाकर मामला शांत हो सका।
अध्यक्ष पद के लिए आदित्य मिश्र और विवेक सिंह के नामांकन पत्र को कॉलेज प्रशासन ने मुकदमा का हवाला देते हुए बुधवार को खारिज कर दिया। अध्यक्ष पद के लिए इन दोनों उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होने की जानकारी जैसे ही समर्थकों को हुई, तो कॉलेज परिसर में उनका जमावड़ा होने लगा। कुछ ही देर में दोनों उम्मीदवारों के समर्थक मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
जानकारी होने पर एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी और एसओ शैलेश कुमार सिंह कॉलेज पहुंचकर मामले को सुलझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन उम्मीदवारों के समर्थक प्रशासन की बात मानने से इंकार कर नारेबाजी करने लगे। करीब दो घंटे तक प्रशासन और चुनाव समिति ने चर्चा कर दोनों उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी।
कॉलेज प्रशासन ने इन दोनों उम्मीदवारों से शपथ पत्र लिया कि उनके खिलाफ अब तक किसी मामले में परीक्षण और कन्वीक्शन की कार्रवाई नहीं की गई है। एसडीएम प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि निर्णय लिंगदोह कमेटी के नियमानुसार ही लिया गया है। कहीं से कोई अविधिक निर्णय नहीं है।
17 उम्मीदवार लड़ेंगे चुनाव, तीन निर्विरोध
बुद्ध पीजी कॉलेज में पर्चों की जांच के बाद वैध पाए गए उम्मीदवारों में अध्यक्ष पद के लिए अभिषेक चौधरी, अभिनव कुमार पांडेय, अविनाश गोंड, अर्पणा राय, उपाध्यक्ष पद के लिए शेखर शर्मा, मनीष गहलोत, महामंत्री के लिए अमित कुमार यादव, मनोज पटेल के अलावा पुस्तकालय मंत्री मोहम्मद साहिल, दिवाकर सिंह, रियाज अंसारी, धनंजय त्रिपाठी, अंजलि पासवान, विज्ञान संकाय प्रतिनिधि देवीशरण सिंह, मनीष सिंह के अलावा कला संकाय विकास कुमार प्रजापति, वाणिज्य संकाय में नितेश मद्देशिया, शिक्षा संकाय में मुकेश कुमार को एकल उम्मीदवार होने के चलते निर्विरोध निर्वाचित किया है। पहले चस्पा की गई सूची में आदित्य मिश्र और विवेक सिंह के नाम को नहीं दर्ज किया गया था, जिन्हें बाद में कॉलेज प्रशासन ने चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी है।