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गंडक की बाढ़-1

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कुशीनगर। गंडक नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद बाढ़ प्रभावित पिपराघाट के कई टोलों में स्थिति सामान्य हो गई है, लेकिन कुछ टोलों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। रास्ता नहीं होने की वजह से इन गांवों के लोग नाव से आ-जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने अब भी सामान समेत बंधे पर शरण ले रखी है।
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बीते रविवार को गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। इसके चलते सेवरही ब्लॉक के गांव पिपराघाट के सभी 17 टोलों में बाढ़ का पानी भर गया था। बांसी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद गोलाघाट पर बने पीपा पुल को भी हटा दिया गया था। पिछले चार दिन से लगातार जलस्तर में कमी की वजह से अब स्थिति सामान्य होने लगी है। कई टोलों से बाढ़ का पानी भी निकल गया है। परंतु अब भी शिव टोला, चौकी टोला और इमिलिया टोला तथा ग्राम सभा परसा उर्फ सिरसिया के मुसहरी टोला में बाढ़ का पानी भरा है। इन टोलों के रास्तों पर भी नदी का पानी बह रहा है। इसकी वजह से लोगों को नाव से अपने घर तक आना-जाना पड़ रहा है। जिनके घरों में अब भी पानी भरा है, वे लोग सामान समेत बंधे पर शरण लिए हुए हैं। बंधे पर शरण लिए लोगों का कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक तिरपाल और थोड़ी सी खाद्य सामग्री ही दी गई है। बाढ़ पीड़ित पवहारी, चंचली, विक्रम, छोटेलाल, नगीना, शिवपूजन, हरकेश, शंभू, कमल, संतोष आदि का कहना है कि खाद्यान्न नहीं होने की वजह से काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में तमकुहीराज के तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि सभी बाढ़ पीड़ितों तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है।
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