कसया। मैनपुर गांव के मां कोटेश्वरी देवी मंदिर में नौ दिवसीय श्री शांब सदाशिव महायज्ञ भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया। पीले वस्त्रों में महिलाएं जयकारे लगाते हुए क्षेत्र का भ्रमण कीं और बाड़ी नदी से कलश में जल भरा। इस दौरान हाथी, घोड़े, झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
रविवार की सुबह दस बजे से मंदिर के यज्ञ मंडप से निकली कलश यात्रा बोधापट्टी, प्रेमवलिया, बरवां जंगल, अभिनायकपुर, गोपालगढ़, कसया नगर, मथौली, भरौली, नरकटिया, इनरहां, प्रेमनगर, सपहां, विशम्भरपुर, कोल्हुवां होते हुए दीनापट्टी पहुंची। कलश यात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और श्रद्धालुओं को जलपान भी कराया। हर-हर महादेव के जयकारे से पूरा वातावरण भक्ति हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बाड़ी नदी से जल भरा गया। कलश लेकर श्रद्धालु यज्ञ मंडप पहुंचे। यज्ञाचार्य योगेश्वर पांडेय ने विधि-विधान से कलश स्थापित कराया।
इसके पूर्व कलश यात्रा को श्रीरामजानकी मंदिर के महंत त्रिभुवन दास महाराज ने रवाना किया। आयोजक मोहनदास (मौनी बाबा) ने बताया कि यज्ञ में प्रतिदिन सुबह देवी-देवताओं का आह्वान-पूजन होगा। दोपहर 12 से शाम चार बजे तक श्रीमद्भागवत कथा व श्रीरामकथा सुनाई जाएगी। रात में रामलीला का मंचन होगा। चार मार्च को यज्ञ की पूर्णाहुति व भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान यजमान नंदलाल जायसवाल, भोला यादव, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अलाउदीन अंसारी, रामाशीष प्रसाद, हरिनरायन प्रसाद, शारदा मुंशी, अजहरूदीन अंसारी, इंद्रजीत राय, छेदी राय, नेबुलाल जायसवाल, जगदंबा राय, भागवत यादव, श्रीनिवास सिंह, रामनगीना यादव, राजू राय, मंकेश राय, ओमप्रकाश जायसवाल, सच्चिदानंद राय, गोपाल शरण सिंह, भोला मिश्र, सुदर्शन वर्मा, वंशराज यादव, लल्लन यादव, मोहन वर्मा, अमेरिकन खरवार आदि मौजूद रहे।