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जगह जगह जर्जर तारों से हुई है सप्लाई

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बारिश में लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था
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झूलते तारों से हादसे का भी बढ़ा खतरा, विभाग बेपरवाह
फोटो है।
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। बारिश में बिजली निगम में लोकल फाल्ट की समस्या बढ़ गई है। इससे नगर की बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई है। तारों में स्पार्किंग, चिंगारी निकलने और नीचे तक झूलते तारों के संपर्क में कब बड़े वाहन आ जाएं, इसका डर बना रहता है। नगर में ऐसे तारों को बदलने के लिए आरएपी/डीआरपी (री स्ट्रक्टर्ड एसिलरेटेड पॉवर/डेवलपमेंट रकिफार्म्स प्रोग्राम) योजना भी लागू की गई थी, लेकिन थोड़ा काम कराकर उसे ज्यों का त्यों छोड़ दिया गया।
पडरौना नगर समेत पूरे जनपद की विद्युत लाइन का अधिकांश हिस्सा 40 साल से भी अधिक पुराना हो चुका है। जर्जर हो चुके तारों में स्पार्किंग, इनके टूटकर गिरने और चिंगारी निकलने से आग लगने तथा लोगों के इनकी चपेट में आने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। पडरौना नगर में जर्जर तारों और बिजली के खंभों को बदलने के लिए चार वर्ष पहले आरएपी/डीआरपी योजना शुरू की गई थी। इसके तहत नगर के जर्जर-तार पोल बदलने के साथ-साथ ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाई जानी थी, लेकिन बिजली निगम ने कठकुइयां रोड और कसया रोड सहित कुछ स्थानों पर ही तार-पोल एवं ट्रांसफॉर्मर बदलकर खानापूरी कर ली। अब भी पडरौना नगर का रामकोला, कोतवाली, धर्मशाला, मेन बाजार, जटहां बाजार रोड सहित कई प्रमुख मार्गों के अलावा छावनी, ओंकारवाटिका कॉलोनी, मुन्ना कॉलोनी सहित कई मोहल्लों और हॉस्पिटल रोड के जर्जर तार अक्सर टूटकर गिर जाते हैं। फाल्ट के चलते तारों से चिंगारियां निकलने लगती हैं। इससे राहगीर भयभीत रहते हैं। कई जगह जर्जर तारों को लकड़ियों के सहारे बांधकर बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बरसात में तो फाल्ट की समस्या और भी बढ़ गई है। पडरौना के एसडीओ रवींद्र पाल ने बताया कि जर्जर तारों और खंभों को बदलने के लिए स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट आने पर इन्हें बदलाया जा सकेगा।
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इनसेट
तारों के टूटकर गिरने से परेशान रहते हैं लोग
पडरौना। नगर में लगे बिजली के खंभे और तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। सड़कों के किनारे अथवा उनके ऊपर से गुजरने वाले तारों के टूटकर गिरने या चिंगारी निकलने से राहगीर भी सहम जाते हैं। छावनी निवासी निजामुद्दीन कहते हैं कि नगर में लगे तार-पोल इतने जर्जर हैं कि हर दिन फॉल्ट की समस्या उत्पन्न होती है। इसके चलते नगर में बार-बार बिजली आपूर्ति बंद होती है। बरसात में यह समस्या अधिक हो गई है। मुन्ना कॉलोनी निवासी प्रमोद श्रीवास्तव कहना है कि नगर में तार-पोल बदलने का काम आधा अधूरा हुआ है। इसके चलते उपभोक्ता परेशान रहते हैं। दवा व्यवसायी कुंवर रैना कहते हैं कि झूलते तार कई जगह तो नीचे तक आ गए हैं। इनके आसपास बस, ट्रक या अन्य बड़े वाहन खड़े होने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गिरीश चंद चतुर्वेदी कहते हैं कि जर्जर तार कभी भी टूटकर गिर जाते हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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