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एक चरवाहा भी पिकअप की चपेट में आने से घायल

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कुशीनगर के गांगरानी में भेड़ो की मौत पर मौके पर जूटी भीड़ और मौके पर पहुंची कुबेरस्थान थाने की पु? - फोटो : KUSHINAGAR
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दो अनियंत्रित पिकअप चालक ने सौ से अधिक भेड़ों को रौंदा
कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के गांगरानी के निकट भोर की घटना, इलाज के दौरान चरवाहे की हुई मौत
अमर उजाला ब्यूरो
कुशीनगर/कठकुइयां। सोमवार की भोर में सरया की ओर जा रहे भेड़ों के झुंड पर दो चालकों ने पिकअप दौड़ा दिया और उन्हें रौंदते हुए पिकअप लेकर भाग निकले। इससे सौ से अधिक भेड़ दबकर मर गईं, जबकि कई घायल हो गईं। भेड़ों का एक चरवाहा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी भी मौत हो गई। सुबह जैसे ही लोगों की इस घटना के बारे में पता चला, घटनास्थल पर भीड़ जुट गई। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने भेड़ों को सड़क से हटवाया और चरवाहे को जिला अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। सीओ सदर ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली।
त्रिलोकपुर गांव का निवासी सुभाष पाल, राजकुमार पाल और मनिकौरा भेड़िहारी निवासी प्रसाद पाल रविवार की रात अपनी भेड़ों को लेकर कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के गांगरानी चौराहे के निकट ठहरे थे। बताया जा रहा है कि सोमवार की भोर में करीब साढ़े तीन बजे तीनों अपनी भेड़ों के झुंड को लेकर आगे सरया की तरफ बढ़ रहे थे, तभी गांगरानी और सरया गांव के बीच पडरौना की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे दो पिकअप चालक भेड़ों के झुंड को रौंदते हुए चले गए। इससे सौ से अधिक भेड़ों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि कई घायल हो गईं। भेड़ों को बचाने की कोशिश में चरवाहा राजकुमार पाल भी आ गया। उसके सिर और पैर में गंभीर चोट आई। उधर गए लोगों ने इतनी अधिक तादाद में भेड़ों को मरा पड़ा देख शोर किया, जिसके बाद भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर कुबेरस्थान थाने की पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने भेड़ों के शवों को सड़क से हटवाया और घायल राजकुमार को जिला अस्पताल भेजा, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने इस बारे में आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ सदर ने बताया कि मरने वाली भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया गया है। इसके साथ ही अन्य चरवाहों से तहरीर लेकर अज्ञात पिकअप चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनकी तलाश कराई जा रही है।
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परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी थी राजकुमार के कंधों पर
कुबेरस्थान। भेड़ों के साथ खुद भी पिकअप की चपेट में आने से मरने वाला राजकुमार पडरौना कोतवाली क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव का निवासी था। वह अपने परिवार का मुखिया था। अपने दो सगे भाइयों सुभाष और सरल के साथ मिलकर भेड़ पालने का व्यवसाय करता था। उससे जो आमदनी होती थी, उसी से उसके परिवार की रोजी-रोटी चलती थी।
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परिवार में मृतक की पत्नी सुभावती देवी के अलावा दो बेटे तथा एक बेटी है। उनमें बड़ा बेटा अंकित 15 वर्ष और बेटी खुशी 12 वर्ष की है। सबसे छोटा बेटा अनूप 8 वर्ष का है। भाई-बहन तीनों गांव के ही परिषदीय विद्यालय में क्रमश: सातवीं, छठवीं व तीसरी कक्षा में पढ़ते हैं। मृतक की पत्नी सुभावती घर का कामकाज निपटाने के बाद बच्चों की पढ़ाई लिखाई का ध्यान रखती हैं। राजकुमार की मौत के बाद से ही उसका पूरा परिवार गम में डूब गया है। परिवार में अब ऐसा कोई सदस्य नहीं है, जो परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी तरह संभाल सके। दोनों बेटे भी अभी छोटे हैं और पढ़ रहे हैं, जिनकी पढ़ाई-लिखाई के साथ ही उनके भरण-पोषण का खर्च जुटाना परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती है। ऊपर से इकलौती बेटी खुशी की पढ़ाई-लिखाई के बाद उसकी शादी का इंतजाम करना भी इस परिवार के लिए बहुत ही कठिन होगा।
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