पडरौना। ढोरही गांव में नवीन परती की जमीन पर लेखपाल की शह पर कब्जा कर पक्का निर्माण कराने और सार्वजनिक रास्ते पर पशुओं के लिए नाद रखकर अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। अतिक्रमण हटवाने व लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सोमवार को ग्रामीण अनशन पर बैठ गए। करीब 10 घंटे बाद पुलिस ने अनशन तोड़वा दिया।
नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के ढोरही गांव में सोमवार को बलिस्टर, विश्वनाथ, भरत, सूर्यनारायण, श्रीनिवास, विजय, हरेंद्र, खेलावन, छेदी, नितीश, राबड़ी, विजय, ललन, पूर्णवासी, बंसती, खिरिया, मुकेश, सुभावती, नंदलाल आदि अनशन पर बैठे गए। ग्रामीणों का आरोप है कि हलका लेखपाल पवन वर्मा से साठगांठ करके गांव की नवीन परती भूमि पर गांव के ही व्यक्ति ने पक्का निर्माण करा लिया गया है। सार्वजनिक रास्ते पर पशुओं के बांधने के लिए नाद भी बना लिया गया है। इससे कई घरों का रास्ता बंद हो गया है।
इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर ग्रामीणों ने किया तो लेखपाल ने मौके पर जाकर जांच किये बगैर ही गलत रिपोर्ट लगाकर दिया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि लेखपाल के इस कृत्य से उनको न्याय नहीं मिल पा रहा है। न्याय नहीं मिलता देखकर ग्रामीण अनशन पर बैठे गए। साथ ही ग्रामीणों ने कहा है कि जबतक प्रशासन नवीन परती की जमीन को मुक्त कराते हुए बंद रास्ते को खुलवा नहीं देगा उस समय तक आमरण अनशन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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मामला संज्ञान में आया है। गांव का ही एक व्यक्ति अपने रास्ते के चौड़ीकरण के लिए धरने पर बैठा हुआ था। कानूनगो, हलका लेखपाल और थानाध्यक्ष नेबुआ मौके पर गए थे। मामले का निस्तारण हो गया है। -महात्मा सिंह, एसडीएम सदर