सऊदी अरब में कमाने गए कौशाम्बी के एक युवक को बंधक बनाकर यातनाएं दी गईं। युवक किसी तरह सऊदी के रियाद शहर अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचा तो उस पर चोरी का इल्जाम लगाकर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। अब युवक फेसबुक के जरिये लोगों से मदद मांग रहा है।
करारी कस्बे के कृष्णा नगर निवासी जावेद अहमद का बेटा सावेद फर्नीचर कारीगर है। करीब छह महीने पहले उसे कस्बे के ही एक युवक ने सऊदी में काम दिलाने का लालच दिया। जावेद के मुताबिक उन्होंने इसके एवज में उस एजेंट को 1.30 लाख रुपये दिए। अब सावेद के फेसबुक पोस्ट से परिवार के लोग खासा परेशान है।
सावेद ने पोस्ट में लिखा कि उसे जिस काम के लिए भेजा गया, वह नहीं मिला। जबरन दूसरा काम कराया जाता था। विरोध करने पर प्रताड़ित किया जाता था। तीन से चार दिनों तक भूखा रखा गया। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद जावेद ने रियाद शहर में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार की मदद ली। रिश्तेदार ने एक हजार रियाल खर्च कर किसी तरह सावेद को अपने पास रखा।
घर वालों के मुताबिक अब मजबूरी यह है कि सऊदी में जहां वह रहा, उस पर चोरी का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जबकि सावेद ने रिश्तेदार के फोन से बताया कि वह शरीर पर पहने कपड़ों के सिवा कुछ नहीं लाया। सावेद मजबूरी में छिपकर रह रहा है। वह वतन वापसी की गुजारिश भी कर रहा है।
जावेद का कहना है कि उनका बेटा सकुशल वापस लौटे यह अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों से गुजारिश है। इस बारे में वह जिले के विधायकों व सांसद से गुहार लगा रहे हैं।