पुलिस की तकनीकी खामियों की वजह से लोगों को कोर्ट का चक्कर काटना पड़ रहा है। अदालतें ऐसे मामलों में साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को अर्थदंड से ही दंडित कर रहीं हैं। मंगलवार को ऐसे ही एक मामले में मुजरिम ने जुर्म स्वीकार कर लिया तो कोर्ट ने उस पर 1500 रुपये का अर्थदंड लगाया।
मंगलवार को सीजेएम दीपक जायसवाल की अदालत में कोखराज कोतवाली में दर्ज बैरिहा गांव निवासी रामनरेश के प्रकरण की सुनवाई की। रामनरेश को पुलिस ने अवैध असलहा रखने के मामले में जेल भेजा था। पुलिस कोर्ट में पर्याप्त साक्ष्य रामनरेश के खिलाफ पेश नहीं कर सकी। इस पर अदालत ने जेल में बिताई गई अवधि के अलावा 1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
इसी तरह एसीजेएम कोर्ट में पिपरी कोतवाली के भोजपुर निवासी शैलेश का मामला विचाराधीन था। शैलेश के खिलाफ चोरी व माल बरामदगी का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में भी पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने जेल में बिताई गई अवधि व एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।