रविवार को सरायअकिल के एक गेस्ट हाउस में शादी की तैयारी भी हो चुकी थी। गेस्ट हाउस में रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा था। बराती भी पहुंच गए, लेकिन सिर्फ दूल्हा नहीं पहुंचा था। दूल्हे के आने का इंतजार हो रहा था। इसी बीच किसी ने नाबालिग के निकाह की खबर पुलिस को दे दी। सूचना पर सीओ चायल श्यामकांत, इंस्पेक्टर सुनील सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और शादी रुकवा दी। पुलिस की सूचना पर बाल कल्याण समिति के लोग भी आ गए। उन्होंने भी शादी को लेकर आपत्ति जताई। नतीजतन बिना शादी के सारे मेहमान लौट गए। बाल कल्याण समिति के बिंदेश्वरी प्रसाद ने बालिका के पिता से लिखवाकर लिया कि वह बेटी के बालिग होने के बाद ही शादी करेगा। पिता ने इस पर रजामंदी दी।
समाज के ठेकेदारों ने विवाह का लिया था ठेका
नाबालिग से उसकी उम्र से करीब तीन गुना वाले व्यक्ति से निकाह कराने में समाज के कथित जिम्मेदारों ने भी पुलिस पर खूब दबाव बनाया। इनके दबाव में पहुंची सरायअकिल पुलिस ने इस पर रजामंदी दी कि सिर्फ सगाई होगी, लेकिन विवाह नहीं होगा। बाद में जब मामला मीडिया के सामने आया तो समाज के कथित ठेकेदारों को पीछे हटना पड़ा और नाबालिग की शादी होने से बच गई।
बाल कल्याण समिति के लोगों ने लिया बयान
नाबालिग की शादी कराए जाने की जानकारी के बाद बाल संरक्षण अधिकारी अजीत कुमार, सदस्य दीपक सिंह, बाल कल्याण समिति के बिंदेश्वरी प्रसाद मौके पर पहुंचे। सभी ने पीड़ित बालिका का बयान लिया। इसके बाद एक्शन में आई टीम ने शादी रोक दी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर गए। पहले लोगों ने बताया कि सगाई का कार्यक्रम था, लेकिन बाद में लड़की ने खुद शादी की बात कही। हालांकि बाद में उसने भी सगाई कराए जाने की बात स्वीकार की। सूचना पर चाइल्ड लाइन के लोग भी पहुंचे हैं। फिलहाल शादी नहीं होने दी जाएगी।- बिंदेश्वरी प्रसाद, पीठासीन अधिकारी, बाल कल्याण समिति