पिपरी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान चोरी की बाइक के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वह शातिर बाइक चोर है। पकड़े गए युवक की निशानदेही पर उसके घर से नौ और बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने युवक के पास से एक तमंचा व कारतूस भी बरामद होने का दावा किया है। घटना में उसका साथ देने वाले तीन साथी फरार है।
मंगलवार को पिपरी कोतवाली में पत्रकारों से मुतातिब एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पुलिस को खबर मिली कि एक शातिर चोरी की बाइक को बेचने जा रहा है। इस पर पुलिस ने असरावल कला के पास चेकिंग लगा दी। इस दौरान बाइक सवार पहुंचा तो पुलिस पार्टी को देख भागने लगा।
पुलिस ने दौड़ाकर उसे पकड़ा। पकड़े गए युवक की पहचान नसीरपुर गांव निवासी मंदीप पासी पुत्र राम प्रकाश के रूप में हुई है। मंदीप के पास से एक तमंचा व कारतूस मिला है। उसके पास जो बाइक मिली वह चोरी की थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर मंदीप ने बताया कि वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर प्रयागराज से बाइक चोरी करता था। मूरतगंज में उसकी बाइक रिपेयरिंग की दुकान हैं। गाड़ियां चोरी करने के बाद वह उनका नंबर बदलकर बेच देता था। मंदीप की निशानदेही पर उसके घर से नौ और बाइक बरामद हुई है। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाले पिपरी इंस्पेक्टर राकेश तिवारी व उनकी टीम की पीठ थपथपाई है।
न्यायमूर्ति के फार्म हाउस में हुई चोरी का था वांक्षित
चायल। पिपरी इंस्पेक्टर राकेश तिवारी ने बताया कि प्रयागराज हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी का जलालपुर घोषी में फार्म हाउस है। नौ जनवरी को चोरों ने उनके फार्म हाउस से इन्वर्टर और फर्नीचर चुरा लिया था। इस मामले में एक महीने पहले अमन नाम का चोर पकड़ा गया। उसने चोरी की घटना को कुबूल किया साथ ही यह बताया कि चोरी में उसके साथ मंदीप भी शामिल था। तभी से पुलिस मंदीप पर निगाह रख रही थी।
10-12 हजार में बेच देते थे बाइक
चायल। चोरी की दस बाइक के साथ पकड़े गए मंदीप ने बताया कि वह प्रयागराज के भीड़ वाले इलाके से बाइक चोरी करता था। उसके साथ निगरानी करते थे। इसके बाद बाइकों का नंबर बदलकर अपाचे, हांडा, स्प्लेंडर आदि गाड़ियां दस से 12 हजार रुपये में बेच दी जाती थी।