बड़हरी गांव में जलस्तर घटने से लोगों को मिली राहत। संवाद
गंगा और यमुना के जलस्तर में पिछले पांच दिनों से लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। बुधवार को गंगा का जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़कर 84.29 मीटर तक पहुंच गया जबकि यमुना में 30 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। अब यमुना का जलस्तर 88.43 मीटर पर है जो चेतावनी बिंदु से लगभग एक मीटर नीचे है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा-यमुना में पहाड़ी क्षेत्रों से बारिश का पानी आने के कारण जलस्तर में वृद्धि हो रही है। हालांकि अब जलस्तर बढ़ने की गति धीमी हो गई है और अगले एक-दो दिनों में पानी घटने की संभावना है।
लगातार बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। कड़ा क्षेत्र के कुबरी घाट पर बना नया सार्वजनिक शौचालय, आरती घाट और कच्चे घाट पर जाने का मार्ग जलमग्न हो चुका है। घाट की पक्की सीढ़ियां भी डूबने लगी हैं।
वहीं मंझनपुर तहसील के बड़हरी गांव को जाने वाली सड़क पानी में डूब गई है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही और स्कूली बच्चों को विद्यालय जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को भी खेतों में पानी भरने से चिंता सताने लगी है।
बाढ़ जैसे हालात देखने के लिए गंगा घाटों पर लोगों की भीड़ जुट रही है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जगदीश लाल ने बताया कि गंगा-यमुना के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल किसी भी तरह के खतरे की स्थिति नहीं है लेकिन सावधानी बरतने की अपील की गई है।
बड़हरी गांव में जलस्तर घटने से लोगों को मिली राहत। संवाद