पिपरी थाने के सैदपुर घाट में पखवारे भर से बालू का अवैध खनन हो रहा है। अवैध खनन की होड़ में यमुना की तराई कभी भी लाल हो सकती है। रविवार रात कुछ ऐसा ही नजारा यमुना नदी के सैदपुर घाट पर देखने को मिला। गनीमत रही कि गांव के एक व्यक्ति ने एसडीएम को फोन कर दिया। एसडीएम व पुलिस के हूटर की आवास सुनकर आरोपी जेसीबी व ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए।
यमुना नदी के सैदपुर बालू घाट के पट्टे की अवधि आठ दिसंबर को समाप्त हो गई। इसके बाद से पट्टेधारक ने घाट पर खनन पूरी तरह से बंद कर दिया है। वैध खनन बंद होने के बाद इलाके के तीन बालू माफिया घाट पर अवैध खनन करने के लिए उतर पड़े। स्थानीय पुलिस प्रशासन व यूपी-100 की मिली भगत से रात के नौ बजते ही बालू माफिया घाट पर जेसीबी व ट्रैक्टर लेकर उतर पड़ते हैं। अब तक इन कारोबारियों ने अवैध खनन की सैकड़ो ट्रक बालू औधन, सैदपुर व नेवादा क्षेत्र में डंप कर लिया है। रविवार की रात लगभग 11 बजे दो माफिया अवैध खनन को लेकर आमने-सामने हो गए।
ग्रामीणों की मानें तो अवैध खनन करने वाले से दूसरा माफिया दो हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर रंगदारी मांग रहा था। इसे लेकर दोनो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। बवाल होता देख गांव के एक व्यक्ति ने एसडीएम व पिपरी पुलिस को सूचित किया। एसडीएम व पिपरी पुलिस हूटर बजाते हुए गांव की ओर जा रहे थे। हूटर की आवाज सुनकर एक दूसरे को देख लेने की धमकी देते हुए बालू माफिया मौके से फरार हो गए। बहरहाल सैदपुर घाट में हो रहे अवैध खनन को लेकर पुलिस प्रशासन संजीदा नहीं हुआ तो यमुना की तराई कभी भी लाल हो सकती है।